उत्तर प्रदेशमहोबा

जगद्गुरु शंकराचार्य का आगमन, गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने की हुंकार

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज आज महोबा पहुंचे। उन्होंने प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन-पूजन कर सनातन की अलख जगाई और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने व गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का बड़ा संकल्प दोहराया।

Reported by Rajesh Chaturvedi and edited by Kashish Solanki

Uttar Pradesh|| Mahoba|| Shri Avimukteshwaranand Saraswati Maharaj :  उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के लिए आज का दिन बहुत ही विशेष और ऐतिहासिक रहा। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का महोबा की पावन भूमि पर भव्य आगमन हुआ। उनके आने से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और नई प्रेरणा का संचार हुआ है।

महोबा पहुंचते ही धार्मिक स्थलों पर किया दर्शन-पूजन

महोबा पहुंचते ही जगद्गुरु शंकराचार्य सबसे पहले प्रख्यात धार्मिक स्थलों की ओर बढ़े। उन्होंने बड़ी चंद्रिका देवी, कंठेश्वर महादेव और चरखारी के ऐतिहासिक श्री बटुक भैरवनाथ धाम में विधिपूर्वक दर्शन-पूजन किया। इस दौरान पूरा वातावरण वैदिक मंत्रों और जयकारों से गूंजता रहा।

गौरक्षा जनजागरण को लेकर शंकराचार्य का बड़ा संदेश

शंकराचार्य महाराज का इस दौरे का मुख्य मकसद गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना और देश में गौ-हत्या पर पूरी तरह से रोक लगाना है। इसी सिलसिले में वे जिला मुख्यालय के ललिता भवन होटल आए, जहां उन्होंने ‘गौरक्षा जन जागरण’ के महत्वपूर्ण मुद्दे पर भक्तों और मीडिया के साथ बातचीत की।

गौ सेवा को बताया सनातन संस्कृति की आत्मा

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने एक बहुत ही भावुक और जरूरी संदेश दिया। उनका कहना था कि गौ सेवा हमारी भारतीय संस्कृति की असली आत्मा है। जब तक गौमाता सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक सनातन मूल्यों का संरक्षण अधूरा रहेगा। उन्होंने सभी सनातनी भक्तों से अपील की कि वे गौ रक्षा और गौ सेवा के लिए पूरी निष्ठा के साथ आगे आएं। उनके इस दौरे ने स्थानीय लोगों के बीच गौरक्षा के प्रति एक नया उत्साह जगा दिया है।

ये भी पढ़े : महोबा में आपसी सौहार्द और शांति के साथ संपन्न हुई ईद-उल-जुहा की नमाज

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »