उत्तर प्रदेश

शाहजहांपुर का जलालाबाद कस्बा अब परशुराम पुरी, योगी कैबिनेट के फैसले से बदली पहचान

उत्तर प्रदेश सरकार ने शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने की मंजूरी दी। लंबे समय से चली मांग पूरी होने पर क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Jalalabad Renamed Parshurampuri: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक अहम और चर्चित निर्णय लेते हुए शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने के प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में उत्साह और जश्न का माहौल देखा जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी होने पर स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

आस्था को मिली पहचान

सरकारी मंजूरी के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर आगे की औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, जिसके बाद जलालाबाद का नया नाम आधिकारिक रूप से सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड में लागू कर दिया जाएगा। स्थानीय मान्यताओं और धार्मिक आस्थाओं के अनुसार, जलालाबाद क्षेत्र को भगवान परशुराम की पौराणिक जन्मस्थली या उनसे जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। इसी सांस्कृतिक और धार्मिक विश्वास के आधार पर वर्षों से क्षेत्र के लोग और कई सामाजिक संगठन इस स्थान का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने की मांग कर रहे थे। अब सरकार के इस फैसले ने उस लंबे आंदोलन और अपेक्षा को अंतिम रूप दे दिया है।

ऐतिहासिक फैसले का स्वागत

फैसले के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सरकार का आभार व्यक्त किया है। क्षेत्रीय विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने इस निर्णय को जनता की भावनाओं का सम्मान बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति धन्यवाद प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती देने वाला ऐतिहासिक कदम है।

नई पहचान की ओर

वहीं, इस अभियान से लंबे समय से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता आशित पाठक ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह मांग कई वर्षों से उठाई जा रही थी और अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में इसे आगे बढ़ाया गया, लेकिन अब जाकर यह सपना साकार हुआ है। उनके अनुसार, यह निर्णय न केवल धार्मिक आस्था को सम्मान देता है, बल्कि पूरे क्षेत्र की पहचान को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

नक्शों में बदलाव

फैसले के बाद जलालाबाद और आसपास के इलाकों में लोगों ने इसे ऐतिहासिक पल बताते हुए स्वागत किया। कई जगहों पर खुशी का माहौल देखा गया और लोग इस बदलाव को सांस्कृतिक गौरव से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, नाम परिवर्तन की घोषणा के साथ ही अब प्रशासन के सामने रिकॉर्ड अपडेट, नक्शों में बदलाव, सरकारी दस्तावेजों में संशोधन और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं को पूरा करने की चुनौती भी होगी।

फिलहाल, सरकार के इस फैसले ने शाहजहांपुर जिले में एक नई बहस और नई पहचान की शुरुआत कर दी है, जिसे लोग आने वाले समय में एक बड़े सांस्कृतिक परिवर्तन के रूप में देख रहे हैं।

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