Yogi Cabinet: उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कुल 29 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 28 को मंजूरी दे दी गई। केवल मदरसा शिक्षा से जुड़ा एक प्रस्ताव फिलहाल स्थगित रखा गया। कैबिनेट के फैसलों में स्टार्टअप को बढ़ावा देने, पशुधन बीमा, विश्वविद्यालयों की स्थापना और विभिन्न प्रशासनिक सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। स्टार्टअप को मिलेगा नया सहारा बैठक का सबसे प्रमुख फैसला राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत बनाने से जुड़ा रहा। सरकार ने नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी देते हुए प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए "उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन" के गठन का रास्ता साफ कर दिया है। यह मिशन सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत स्थापित किया जाएगा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने का काम करेगा। सरकार का मानना है कि नई नीति युवाओं को रोजगार खोजने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने में मदद करेगी। मिशन के संचालन की जिम्मेदारी उच्च स्तर पर तय की गई है और इसके लिए विशेष प्रबंधन व्यवस्था भी बनाई जाएगी। फिर लागू हुई डाटा सेंटर नीति कैबिनेट ने राज्य की डाटा सेंटर नीति को दोबारा लागू करने का भी फैसला लिया। यह नीति पहले समाप्त हो चुकी थी, लेकिन अब इसे नए स्वरूप में फिर से लागू किया गया है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश को डिजिटल निवेश और तकनीकी ढांचे के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। नीति के तहत एक विशेष एंपावर्ड कमेटी बनाई जाएगी, जबकि इसके संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी मुख्य सचिव के नेतृत्व में होगी। इससे आईटी और डिजिटल क्षेत्र में निवेश बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। स्टार्टअप फंड में हजार करोड़ रुपये नई व्यवस्था के तहत स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता देने के लिए एक हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड बनाया गया है। इसमें बड़ी हिस्सेदारी तकनीकी शिक्षा से जुड़े संस्थानों की भी होगी। शुरुआती स्तर पर काम कर रहे उद्यमियों को प्रोटोटाइप और पूंजी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी जारी रहेगी। इसके अलावा, इन्क्यूबेशन सेंटरों को संचालन के लिए वार्षिक अनुदान देने का भी प्रावधान रखा गया है, ताकि नए उद्यमियों को बेहतर मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध हो सकें। पशुधन बीमा योजना को हरी झंडी कैबिनेट ने किसानों और पशुपालकों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना को मंजूरी दी। इस योजना के तहत पशुओं की मृत्यु, बीमारी, दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने विभिन्न पशुओं की अनुमानित कीमतें भी तय की हैं, जिनके आधार पर बीमा लाभ मिलेगा। योजना में प्रीमियम का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार वहन करेंगी, जबकि किसानों को केवल सीमित अंशदान देना होगा। इससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। नए विश्वविद्यालयों की स्थापना उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कैबिनेट ने कानपुर के बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय और गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान कर दी है। सरकार का मानना है कि इन संस्थानों के शुरू होने से क्षेत्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा मिलेगा तथा छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध होंगे। अन्य अहम फैसलों पर भी लगी मुहर बैठक में लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन से जुड़े प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इसके अलावा शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे के नाम परिवर्तन समेत कई प्रशासनिक और विकास संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। योगी सरकार के इन फैसलों को प्रदेश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, शिक्षा विस्तार और किसानों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट की यह बैठक आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। ये भी पढ़ें: बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान, जानिए कब होंगे मतदान और नतीजे