Noida News: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी लापरवाही ने एक मासूम की जान खतरे में डाल दी। सड़क किनारे नाले के खुले मैंन हॉल में 10 साल का बच्चा अचानक गिर गया। मां की चीख-पुकार के बीच मौके से गुजर रहे एआरटीओ राजेश मोहन और उनकी टीम ने बिना देर किए नाले में उतरकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते रेस्क्यू होने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद खुले गटर को लेकर प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खुले मैनहोल में गिरा दरअसल मंगलवार दोपहर में एक 10 वर्षीय मासूम बच्चा अपनी मां के साथ सेक्टर चाई-फाई के पास नाले के ऊपर से गुजर रहा था तभी आगे नाले का मैंन हाल खुला हुआ था ,उस बच्चे ने बातों में उस पर ध्यान नहीं दिया और वह सीधा उस मैन होल से नाले में जा गिरा, नाला करीब 10 फीट गहरा था ।बच्चे के गिरते ही उसकी मांग ने चीख पुकार मचानी शुरू कर दी ,इसके बाद वहां पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, वहीं कुछ ही दूरी पर गौतम बुद्ध नगर के एआरटीओ राजेश मोहन भी टीम के साथ मौजूद थे शोर सुनकर वह भी मौके पर आ गए और उनकी टीम और मौके पर मौजूद अन्य लोगों के द्वारा तत्काल प्रभाव से नाले में गिरे उस बच्चों को बाहर निकाल लिया गया, बहुत तेजी से इन लोगों के द्वारा उसे बच्चे का रेस्क्यू किया गया और उसे बाहर निकल गया, हालांकि इस दौरान बच्चे को हल्की फुलकी चोट भी आ गई, गनीमत यह रही की कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ । बाल-बाल बची जान अगर बच्चा अकेला होता और तब नाले में गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था ,इस घटना के बाद ग्रेटर नोएडा के लोगों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर सवाल उठाए और कहा कि पूरे ग्रेटर नोएडा में इसी तरह के हालात हैं, कहीं नाले बीच में से टूटे हुए पड़े हैं तो कहीं नालों के मैंन हॉल गायब है और इससे आए दिन हादसे होते रहते हैं ,कभी गोवंश गिरते रहते हैं तो कभी कोई व्यक्ति गिर जाता है लेकिन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। आज भी बड़ा हादसा हो सकता था लेकिन गनीमत रही कि बच्चे को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। ये भी पढ़ें: मैंने चुप रहना सही समझा… इस्तीफे के बाद चंपत राय का पहला बयान, रामभक्तों को लिखी भावुक चिट्ठी