विदेश

मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव! अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, खाड़ी देशों में हाई अलर्ट

अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत और कतर की दिशा में मिसाइल व ड्रोन दागे। खाड़ी देशों में हाई अलर्ट जारी है, जबकि वैश्विक तेल बाजार में भी हलचल बढ़ गई।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Iran-US War: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ताजा घटनाक्रम के बाद बहरीन, कुवैत और कतर में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। कई क्षेत्रों में मिसाइल चेतावनी सायरन बजाए गए, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।

ईरान का पलटवार

यह तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। कुवैती सेना ने दावा किया कि उसने अपनी वायु रक्षा प्रणाली के जरिए कई संदिग्ध ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक देश के बुशहर, चाबहार, कोनारक, बंदर अब्बास और सिरिक समेत कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती जवाबी कार्रवाई ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

ट्रंप की चेतावनी

इससे पहले ईरान पर आरोप लगा था कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तीन टैंकरों को निशाना बनाया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई समुद्री हमलों के जवाब में की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने दोबारा ऐसे कदम उठाए तो अमेरिका और भी कड़ी प्रतिक्रिया देगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अंतरिम समझौते की संभावनाएं अब लगभग समाप्त हो चुकी हैं और मौजूदा परिस्थितियों में बातचीत से समाधान निकलता नहीं दिख रहा।

तेल बाजार में उछाल

ट्रंप के बयान के बाद वैश्विक बाजारों में भी हलचल बढ़ गई। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, जबकि निवेशकों के बीच भू-राजनीतिक जोखिम को लेकर चिंता बढ़ी। वहीं ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने अमेरिकी बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वॉशिंगटन की भाषा उसकी ताकत नहीं, बल्कि उसकी असफल नीति को दर्शाती है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान अपने हितों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर पीछे हटने वाला नहीं है।

लगातार बढ़ते इस सैन्य तनाव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई आशंकाएं खड़ी कर दी हैं। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच हालात शांत होते हैं या टकराव और गहरा जाता है।

ये भी पढ़ें: होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव! ईरान ने लौटाया भारतीय टैंकर, समुद्री रास्ते पर बढ़ा खतरा

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