UP IAS Transfer: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए शासन और जिलों में व्यापक फेरबदल कर दिया। एक ही आदेश में 20 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला करते हुए कई महत्वपूर्ण विभागों और जिलों की जिम्मेदारियां नए अधिकारियों को सौंप दी गईं। इस बदलाव को सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, तेज और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अहम विभागों में बदलाव इस प्रशासनिक फेरबदल में सचिव और विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा, राजस्व, निबंधन, संस्कृति, खनन, राज्य आजीविका मिशन, बिजली वितरण और राज्य कर जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नई नियुक्तियां की गई हैं। इसके अलावा आजमगढ़, बलिया और इटावा जैसे प्रमुख जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) को भी बदल दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा और निबंधन विभाग में बड़ा बदलाव तबादला सूची में सबसे चर्चित बदलाव चिकित्सा शिक्षा और निबंधन विभाग में देखने को मिला। अब तक महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं सचिव चिकित्सा शिक्षा का दायित्व संभाल रहीं डॉ. सारिका मोहन को महानिरीक्षक निबंधन बनाया गया है। वहीं नेहा शर्मा को महानिरीक्षक निबंधन के पद से हटाकर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं सचिव चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार के इस फैसले को मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन में नई कार्यशैली लागू करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। https://twitter.com/INDIAHEADLINEST/status/2075443388703539285 मिशन में नई जिम्मेदारियां प्रशासनिक बदलाव के तहत सुधा वर्मा को सचिव राजस्व पद से हटाकर श्रमायुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं दीपा रंजन को उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के मिशन निदेशक पद से हटाकर विशेष सचिव संस्कृति बनाया गया है। संजय कुमार प्रथम को विशेष सचिव संस्कृति के प्रभार से मुक्त करते हुए निदेशक संस्कृति का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। वहीं विशाल सिंह विशेष सचिव संस्कृति बने रहेंगे, लेकिन उनसे निदेशक संस्कृति का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है। खनन विभाग में भी बदलाव करते हुए अरुण कुमार को अपर महानिदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म से हटाकर उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन का मिशन निदेशक बनाया गया है। इसके अलावा जे. रीभा को विशेष सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म के साथ अपर निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। बिजली और कर विभाग में भी नई तैनाती ऊर्जा और कर विभाग में भी सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। संदीप भागिया को अपर आयुक्त राज्य कर से प्रबंध निदेशक, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम बनाया गया है। वहीं परीक्षित खटाना, जो अब तक आजमगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी थे, उन्हें अपर आयुक्त राज्य कर, गौतमबुद्ध नगर की जिम्मेदारी दी गई है। तीन जिलों के CDO बदले जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से तीन प्रमुख जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों का भी तबादला किया गया है।राकेश कुमार पटेल को अपर आयुक्त, लखनऊ मंडल से मुख्य विकास अधिकारी, आजमगढ़ बनाया गया है।ओजस्वी राज को बलिया के मुख्य विकास अधिकारी पद से हटाकर नगर आयुक्त, मथुरा-वृंदावन नियुक्त किया गया है।आलोक कुमार को नया मुख्य विकास अधिकारी, बलिया बनाया गया है।अजय कुमार गौतम, जो इटावा के सीडीओ थे, उन्हें अपर आयुक्त राज्य कर, गाजियाबाद प्रथम भेजा गया है। उनकी जगह मुजफ्फरनगर में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के पद पर तैनात संजय कुमार सिंह को इटावा का नया मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। अन्य अधिकारियों को भी मिली अहम जिम्मेदारी लंबे समय से प्रतीक्षारत चल रहे मणिकंदन ए. को अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद नियुक्त किया गया है। इसके अलावा डॉ. वंदना वर्मा को संयुक्त प्रबंध निदेशक, राज्य चीनी निगम के साथ सहकारी चीनी मिल्स संघ का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रमुख तबादलों की सूची सुधा वर्मा – श्रमायुक्त डॉ. सारिका मोहन – महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा – महानिदेशक एवं सचिव, चिकित्सा शिक्षा अरुण कुमार – मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन जे. रीभा – विशेष सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म, अतिरिक्त प्रभार अपर निदेशक दीपा रंजन – विशेष सचिव, संस्कृति विभाग संजय कुमार प्रथम – निदेशक संस्कृति (अतिरिक्त प्रभार) विशाल सिंह – विशेष सचिव, संस्कृति विभाग संदीप भागिया – प्रबंध निदेशक, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम परीक्षित खटाना – अपर आयुक्त राज्य कर, गौतमबुद्ध नगर राकेश कुमार पटेल – मुख्य विकास अधिकारी, आजमगढ़ ओजस्वी राज– नगर आयुक्त, मथुरा-वृंदावन आलोक कुमार – मुख्य विकास अधिकारी, बलिया अजय कुमार गौतम – अपर आयुक्त राज्य कर, गाजियाबाद प्रथम संजय कुमार सिंह – मुख्य विकास अधिकारी, इटावा मणिकंदन ए. – अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद डॉ. वंदना वर्मा – संयुक्त प्रबंध निदेशक, राज्य चीनी निगम तथा सहकारी चीनी मिल्स संघ का अतिरिक्त प्रभार योगी सरकार का यह प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय में शासन और जिलों की कार्यप्रणाली पर सीधा असर डाल सकता है। सरकार का उद्देश्य अनुभवी अधिकारियों की क्षमता का बेहतर उपयोग करते हुए विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह एवं प्रभावी बनाना माना जा रहा है।