सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, सोमवार 20 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली हावी रही। शुक्रवार को शानदार तेजी के बाद आज बाजार ने रफ्तार गंवा दी और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। आज के कारोबार की स्थिति दोपहर के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 624 अंक या 0.80 प्रतिशत टूटकर 77,527 के स्तर पर आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 153 अंक या 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,180 के स्तर पर फिसल गया। बाजार ने आज शुरुआत से ही कमजोर रुख दिखाया और सुबह से दोपहर तक बिकवाली का दबाव लगातार बना रहा। गिरावट की सबसे बड़ी वजह: कच्चा तेल और पश्चिम एशिया संकट आज की गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में गहराता तनाव रहा। अमेरिका ने लगातार नौवें दिन ईरान पर हवाई हमले किए, जिसके बाद ब्रेंट क्रूड करीब तीन प्रतिशत उछलकर 90.68 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। कच्चे तेल में यह तेजी भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाता घाटे को लेकर चिंता बढ़ाती है, जिसका सीधा असर आज निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ा। कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी बाजारों की सुस्ती ने भी बिकवाली को हवा दी। सेक्टोरल तस्वीर आज निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स सबसे बड़े लूजर सेक्टर के रूप में उभरा, जबकि रियल्टी शेयरों में भी शुक्रवार की तेजी के बाद मुनाफावसूली देखी गई। हालांकि आईटी और फार्मा शेयरों ने बाजार की गिरावट के बीच भी हरे निशान में कारोबार किया, जो निवेशकों के लिए राहत की बात रही। ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया और करीब 0.3 प्रतिशत की मजबूती दिखाई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट बंद हुआ। बीएसई पर बाजार की चौड़ाई नकारात्मक रही, जहां गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से ज्यादा रही। रुपये पर भी दबाव बढ़ते कच्चे तेल के दामों का असर करेंसी बाजार पर भी दिखा। भारतीय रुपया आज कमजोर होकर 96.40 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला। आगे क्या? बाजार की नजर अब आगे आने वाले तिमाही नतीजों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर टिकी रहेगी। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक समेत कई बड़े बैंकों के नतीजे हाल में आए हैं, जिनका असर आने वाले सत्रों में स्टॉक-स्पेसिफिक मूवमेंट के तौर पर दिख सकता है। निवेश सलाह: यह लेख केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर सलाह लें।