सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में निवेशकों का उत्साह फीका नजर आया। मंगलवार को शुरुआती कारोबार सपाट रहने के बाद बाजार पर लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। दोपहर तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए, जबकि बैंकिंग और आईटी शेयरों में कमजोरी ने बाजार की चाल को प्रभावित किया। दूसरी ओर, सीमेंट और कुछ चुनिंदा शेयरों ने मजबूती दिखाकर गिरावट को सीमित रखने की कोशिश की। सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट दोपहर करीब 1:55 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 199 अंक यानी 0.26 फीसदी की गिरावट के साथ 77,509 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 50 करीब 57 अंक फिसलकर 24,182 के स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा और बड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। बाजार पर क्यों बढ़ा दबाव? विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार की कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक अनिश्चितता रही। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग प्रभावित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। ब्रेंट क्रूड ऑयल 88 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए महंगाई और आयात लागत बढ़ने की चिंता गहरा गई। इसका असर घरेलू शेयर बाजार के निवेशकों की धारणा पर भी साफ दिखाई दिया। बैंकिंग शेयरों में बिकवाली घरेलू बाजार में बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों के तिमाही नतीजों ने निवेशकों को निराश किया। एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के वित्तीय परिणामों में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव देखने को मिला, जिसके चलते बैंकिंग शेयरों में बिकवाली बढ़ गई। इसका असर बैंक निफ्टी पर भी दिखाई दिया। हालांकि एसबीआई और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) जैसे सरकारी बैंकों में खरीदारी ने कुछ हद तक बाजार को सहारा दिया और बड़ी गिरावट को रोकने में मदद की। आईटी और ऑटो शेयर कमजोर सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे ज्यादा दबाव में रहे। निवेशकों ने इन सेक्टरों में मुनाफावसूली की, जिससे कई दिग्गज कंपनियों के शेयर फिसल गए। सेंसेक्स की प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे। इसके विपरीत टेक महिंद्रा, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा स्टील जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सीमेंट सेक्टर ने दिखाई मजबूती पूरे बाजार में सबसे बेहतर प्रदर्शन निफ्टी सीमेंट इंडेक्स ने किया। यह करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में खरीदारी का रुख बना रहा। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। बड़े शेयरों में कमजोरी के बावजूद इन श्रेणियों के कई शेयर हरे निशान में बने रहे। FPI और DII का मिला-जुला रुख विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने बाजार में सतर्क रुख अपनाया। खासकर बैंकिंग शेयरों में नतीजों के बाद विदेशी निवेशकों की बिकवाली की चर्चा रही। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने खरीदारी जारी रखी, जिससे बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में मदद मिली। यही वजह रही कि शुरुआती दबाव के बावजूद बाजार में घबराहट वाली बिकवाली देखने को नहीं मिली। रुपया रहा लगभग स्थिर शेयर बाजार में कमजोरी के बावजूद भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग स्थिर बना रहा। विदेशी मुद्रा बाजार में फिलहाल कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। आगे बाजार किस दिशा में जाएगा? तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और किसी बड़े ब्रेकआउट का इंतजार कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,000 और सेंसेक्स के लिए 76,800 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं ऊपर की ओर निफ्टी में 24,350 और सेंसेक्स में 78,300 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस हो सकता है। बाजार की आगे की चाल काफी हद तक पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के जारी तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक तनाव कम होता है और कॉर्पोरेट नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर इन प्रमुख संकेतकों पर बनी हुई है। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है, इसे निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, कृपया किसी भी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। आपकी नजर में आज की गिरावट अस्थायी सुधार है या आगे और दबाव देखने को मिल सकता है? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।