PM Modi Abuse: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर विवाद अब और बढ़ता जा रहा है। इस मामले में CJP प्रवक्ता सौरव दास ने रुचिका सिंह का बचाव करते हुए पुलिस कार्रवाई और एफआईआर दर्ज होने पर सवाल उठाए हैं। सौरव दास ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल गलत हो सकता है, लेकिन इसके लिए पुलिस और आपराधिक कार्रवाई का सहारा लेना उचित नहीं है। सौरव दास का पलटवार सौरव दास ने सवाल उठाया कि क्या गाली देना अब आपराधिक अपराध की श्रेणी में आ गया है? उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में लोग अक्सर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हर मामले में पुलिस कार्रवाई सही तरीका नहीं हो सकता। उन्होंने संसद सदस्यों का जिक्र करते हुए कहा कि कई सांसदों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन उन मुद्दों पर उतनी कार्रवाई नहीं होती। सौरव ने कहा कि केवल एक टिप्पणी के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। https://twitter.com/ANI/status/2083085208350609843 पुलिस का इस्तेमाल बंद होना चाहिए सौरव दास ने सरकार और पुलिस से अपील की कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों को परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में पुलिस तंत्र का इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है और रुचिका सिंह को भी अकेला छोड़ देना चाहिए। दरअसल, रुचिका सिंह ने 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद बुधवार को उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। टिप्पणी पर कानूनी शिकंजा शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि टिप्पणी से प्रधानमंत्री कार्यालय की गरिमा प्रभावित हुई और इससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका है। मामले में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में जीरो FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 353(1) और 356(1) समेत संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है। ये भी पढ़ें: 4700 कैमरे, ड्रोन और 8000 जवान संभालेंगे सुरक्षा की कमान, कांवड़ यात्रा पर हाईटेक पहरा