Congress Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों का विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस ने शुक्रवार, 25 सितंबर को देशभर में चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकालने का अभियान शुरू किया। दिल्ली समेत कई राज्यों में पार्टी कार्यकर्ता प्रदर्शन करते नजर आए। कांग्रेस की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। जम्मू से पटना तक प्रदर्शन जम्मू में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन भवन के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं अन्य राज्यों में भी प्रदेश कांग्रेस समितियों के नेतृत्व में चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकाला गया। कांग्रेस ने अपने अभियान के तहत चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों की स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए। पार्टी ने यह भी कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उसका आंदोलन आगे जारी रहेगा। राहुल गांधी ने भी उठाए सवाल इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी। कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों का भी हवाला दिया है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इन रिपोर्टों पर अलग पक्ष रखा गया है। आयोग ने क्या कहा? मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कई बार आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में SIR, मतदाता सूची से नाम हटाने, Form 6 और मतदाता डेटा से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया था। हालांकि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा कि व्यक्तिगत टिप्पणियां या आपत्तियां आयोग के अंतिम निर्णय से अलग होती हैं और SIR समेत आयोग के अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए थे। महुआ मोइत्रा ने भी दी पुलिस शिकायत विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने 24 सितंबर को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दी। उन्होंने चुनावी रोल से जुड़े कथित मामलों की जांच और FIR दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उस समय तक FIR दर्ज नहीं हुई थी। मोइत्रा ने अपनी शिकायत में मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि आयोग के भीतर कुछ फैसलों को लेकर अन्य चुनाव आयुक्तों ने आपत्तियां दर्ज की थीं। ये आरोप अभी विवाद का विषय हैं और चुनाव आयोग इन फैसलों को सर्वसम्मत बता चुका है। https://twitter.com/ANI/status/2103395772746301759 48 घंटे का अल्टीमेटम CEC के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन के अलावा CJP ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। संगठन ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस पूरे विवाद की प्रमुख वजह SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर उठे सवाल हैं। फिलहाल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इन मुद्दों पर जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने अपने फैसलों में किसी संस्थागत असहमति के आरोप को खारिज करते हुए अंतिम निर्णयों को सर्वसम्मत बताया है। ये भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार को CJP की अंतिम चेतावनी, कल तक इस्तीफा नहीं तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन