Kanpur Robbery News: कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में सोमवार को दिनदहाड़े हुई दुस्साहसिक लूट की वारदात ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्याम नगर चौकी क्षेत्र के सी-ब्लॉक स्थित एक शिक्षक के घर में तीन हथियारबंद बदमाश बेखौफ तरीके से घुस गए। आरोपियों ने घर में मौजूद महिला और उसके नाबालिग बेटे को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया और करीब 45 मिनट तक पूरे मकान को खंगालते रहे। इस दौरान बदमाश लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर, 15 हजार रुपये की नकदी और महिला के पहने हुए आभूषण तक लूटकर अपाचे बाइक से फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, यह घटना दिवंगत रिटायर्ड इंस्पेक्टर जय नारायण त्रिपाठी के बेटे और पेशे से शिक्षक शरद चंद्र त्रिपाठी के घर की है। सोमवार सुबह करीब 11 बजे शरद किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। घर में उनकी पत्नी रचना त्रिपाठी रसोई में खाना बना रही थीं, जबकि 16 वर्षीय बेटा देवांश सामने वाले कमरे में पढ़ाई कर रहा था। इसी बीच चेहरे ढके तीन बदमाश घर के अंदर दाखिल हुए। एक बदमाश ने रचना त्रिपाठी की कनपटी पर तमंचा तान दिया, जबकि बाकी दो आरोपियों ने देवांश को कब्जे में लेकर धमकाना शुरू कर दिया। जान से मारने की धमकी देकर बदमाशों ने महिला से घर में रखे जेवर और नकदी की जानकारी ली। भयभीत महिला ने अलमारी की चाबी उन्हें सौंप दी। इसके बाद तीनों आरोपी आराम से पूरे घर की तलाशी लेते रहे। उन्होंने अलमारी में रखे कीमती जेवर, नकदी और अन्य सामान समेट लिया। इतना ही नहीं, महिला के शरीर पर पहने हुए गहने भी उतरवा लिए। वारदात के दौरान मां और बेटे के हाथ रस्सी से बांध दिए गए, ताकि वे किसी से मदद न मांग सकें। करीब 45 मिनट तक घर में रहने के बाद आरोपी दोनों को रसोई में बंद कर मौके से फरार हो गए। घटना का खुलासा तब हुआ, जब करीब एक घंटे बाद घर में काम करने वाली मेड प्रियंका वहां पहुंची। उसने घर का सामान बिखरा देखा और रसोई से आ रही आवाज सुनकर दरवाजा खोला। अंदर महिला और उसका बेटा बंधे मिले। दोनों को मुक्त कराने के बाद तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही चकेरी थाना पुलिस के साथ डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, एडीसीपी शिवा सिंह और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। इसी दौरान घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर सड़क किनारे दो मोबाइल फोन मिलने की सूचना भी मिली। पुलिस ने दोनों मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी पुलिस सर्विलांस से बचने के लिए भागते समय अपने मोबाइल फोन रास्ते में फेंक गए, फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और बदमाशों के आने-जाने के पूरे रूट की पड़ताल कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी अपाचे बाइक से आए थे और उन्होंने वारदात से पहले घर की रेकी कर परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटाई थी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने का दावा किया है। ये भी पढ़ें: दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना में कानपुर को प्रमुख स्टेशन बनाने की मांग, सांसद रमेश अवस्थी ने लोकसभा में उठाया मुद्दा