Haridwar Ganga Water Level: उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़कर चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। हालांकि बारिश और जलभराव के बावजूद शिवभक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। हजारों कांवड़िये "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष के साथ अपनी यात्रा जारी रखे हुए हैं। शहर में बढ़ी परेशानी पिछली रात से शुरू हुई तेज बारिश का असर शहर के कई इलाकों में देखने को मिला। भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड़, कनखल और लाटोवाली समेत कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। नगर निगम की टीमें सुबह से ही पंपों की मदद से पानी निकालने में जुटी हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन यातायात तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंची गंगा लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी के कारण भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे गंगा का जलस्तर 292.75 मीटर दर्ज किया गया, जो 293 मीटर के चेतावनी स्तर से केवल 25 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं गंगा का खतरे का निशान 294 मीटर निर्धारित है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। कांवड़ यात्रा जारी, प्रशासन सतर्क बारिश के बावजूद कांवड़ यात्रा बिना किसी बड़े व्यवधान के जारी है। श्रद्धालुओं को आंतरिक मार्गों के बजाय कांवड़ पटरी और राष्ट्रीय राजमार्ग से सुरक्षित निकाला जा रहा है। हाईवे, कांवड़ मार्ग और प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि यात्रा सुचारु रूप से जारी रह सके। हालांकि जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम लगातार जल निकासी का काम कर रहा है ताकि यातायात सामान्य बना रहे। बाढ़ चौकियां अलर्ट पर यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। विभाग के अधिकारियों ने लोगों से गंगा किनारे अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित विभागों को जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन, सिंचाई विभाग, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं। प्रशासन पूरी तरह तैयार नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है और पंपों के जरिए लगातार पानी निकाला जा रहा है, ताकि कांवड़ियों और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क बना हुआ है। ये भी पढ़ें: दिल्ली-NCR पर मौसम का डबल अटैक! गुरुग्राम जलमग्न, IMD का ऑरेंज अलर्ट