Bareilly News: शहर में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने गुरुवार देर रात बड़ा अभियान चलाया। कचहरी परिसर के आसपास बने अस्थायी वकील चैंबर और अन्य अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई रात करीब साढ़े दस बजे शुरू हुई और पुलिस सुरक्षा के बीच करीब डेढ़ घंटे तक चली। जाम से राहत अभियान नगर निगम की टीम दो बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र की बिजली आपूर्ति और रास्तों को अस्थायी रूप से बंद रखा गया, ताकि अभियान बिना बाधा पूरा हो सके। अधिकारियों का कहना है कि कचहरी के आसपास लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। सड़क किनारे बने चैंबरों के कारण यातायात प्रभावित होता था और अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी। वकीलों ने जताई नाराजगी यह इलाका संवेदनशील और वीआईपी क्षेत्र माना जाता है, जहां कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के आवास भी स्थित हैं। इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कार्रवाई समाप्त होने के बाद कुछ वकील मौके पर पहुंचे और नाराजगी जताई, लेकिन तब तक टीम लौट चुकी थी। ध्वस्तीकरण पर विवाद बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष शिरीष कुमार मेहरोत्रा ने ध्वस्तीकरण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना चैंबर हटाना उचित नहीं था। उनका मानना है कि पहले समाधान निकाला जाना चाहिए था। वहीं, सहायक नगर आयुक्त मयंक ने कहा कि सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना और लोगों की आवाजाही आसान करना है। सरकारी जमीन से कब्जा हटाया इसी अभियान के तहत प्रेम नगर स्थित कीर्ति नगर कॉलोनी के गेट नंबर-4 को भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बताते हुए ध्वस्त कर दिया गया। कॉलोनी के निवासियों ने बिना पर्याप्त सूचना कार्रवाई करने का आरोप लगाया, जबकि नगर निगम का कहना है कि पहले ही गेट हटाने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन पालन नहीं होने पर बुलडोजर चलाना पड़ा। ये भी पढ़ें: तत्काल टिकटों का काला कारोबार? RPF जांच पर उठे सवाल