Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि हरा और लाल रंग मिलकर सपा के झंडे का रूप ले सकते हैं। उनके मुताबिक, हरा रंग हरियाली और लाल रंग क्रांति का प्रतीक है। किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा अखिलेश ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए पर्याप्त काम नहीं कर रही है और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने निवेश और उद्योगों को लेकर भी अपनी पार्टी की सोच सामने रखी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने उद्योग जगत से जुड़े व्यक्ति को राज्यसभा भेजा है। अखिलेश के मुताबिक, निवेश लाने के साथ यह भी जरूरी है कि प्रदेश में उद्योग किस तरह स्थापित हों और उनका लाभ रोजगार व आर्थिक गतिविधियों के रूप में लोगों तक पहुंचे। बृजभूषण सिंह पर भी कसा तंज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश ने भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें तय करना होगा कि वह हरा गमछा पहनेंगे या लाल गमछा। चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल अखिलेश ने एक बार फिर चुनावों में कथित अनियमितताओं और वोटों के नाम काटे जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में सपा समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने नोएडा में कथित फर्जी मतदाताओं के नाम जुड़ने का भी आरोप लगाया। इन दावों पर संबंधित चुनावी प्राधिकारियों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। उन्होंने कहा कि चुनावी अनियमितताओं से जुड़ी रिपोर्टों पर अदालतों को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और बिहार तथा पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावों को लेकर भी न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की। 2027 को लेकर भी बड़ा दावा सपा प्रमुख ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ अपनी पार्टी के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने भाजपा पर पूंजीपतियों के हित में काम करने का आरोप लगाया। ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप और दावे हैं, जिन्हें तथ्यात्मक निष्कर्ष के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। ये भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव में सपा का सरप्राइज! रामगोपाल के साथ धनराज नथवानी को टिकट, आज नामांकन