Ghaghra River: पहाड़ों पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। बहराइच में घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से नदी के आसपास बसे गांवों और निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है। खेत-खलिहान जलमग्न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। निचले इलाकों में पहुंचा नदी का पानी जलस्तर बढ़ने के बाद नदी का पानी तटवर्ती गांवों के संपर्क मार्गों और आसपास के निचले खेतों तक पहुंच गया। कई जगह फसलें पानी में डूब गई हैं। किसानों को फसल खराब होने और आगे जलभराव बढ़ने की आशंका सता रही है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी तेज कर दी है। हल्का लेखपाल, नायब तहसीलदार और कानूनगो की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी के मौजूदा जलस्तर के साथ-साथ संभावित कटान वाले क्षेत्रों का भी जायजा लिया। कटान वाले इलाकों पर प्रशासन की नजर अधिकारियों ने स्थानीय स्थिति की जानकारी जुटाई और ग्रामीणों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है। राहत और बचाव दलों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। फिलहाल खतरे के निशान से नीचे प्रशासन के अनुसार, फिलहाल घाघरा नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहने के कारण जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर और तटीय इलाकों की स्थिति पर नजर रख रहा है। फिलहाल ग्रामीणों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। ये भी पढ़ें: भारत-नेपाल सीमा पर मचा हड़कंप, तेज रफ्तार कार ने ICP का गेट तोड़ा, चालक फरार