भारतीय शेयर बाजार में आज गुरुवार को कारोबार की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई, हालांकि दिन चढ़ने के साथ बाजार सीमित दायरे में ही डोलता नजर आया। बुधवार को सेंसेक्स 0.24 प्रतिशत गिरकर 77,966.35 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 0.15 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,435.95 पर टिका था। इसी नरमी की पृष्ठभूमि में आज गिफ्ट निफ्टी ने फ्लैट से मामूली नेगेटिव शुरुआत के संकेत दिए, और सुबह के कारोबार में निफ्टी 24,431.60 के आसपास कारोबार करता दिखा। शुरुआती कारोबार का हाल बाजार खुलते ही सेंसेक्स हरे निशान में नजर आया, जबकि निफ्टी लगभग सपाट रहा। मिड-सेशन तक बाजार में हल्की सुस्ती देखने को मिली, लेकिन ब्रेडथ का रुख सकारात्मक बना रहा—एनएसई पर 1,416 शेयर बढ़त में और 974 गिरावट में कारोबार कर रहे थे, जबकि 136 शेयर बिना बदलाव के रहे। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी मामूली मजबूती दर्ज की गई। किन शेयरों पर रहा दांव सेंसेक्स पैक में आज बजाज फाइनेंस सबसे आगे रहा, जो शुरुआती कारोबार में करीब 1.83 प्रतिशत तक उछल गया। इसके अलावा इंडिगो, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल और इटरनल भी बढ़त बनाने वालों में शामिल रहे। दूसरी तरफ, महिंद्रा एंड महिंद्रा में सबसे ज्यादा दबाव दिखा, जो करीब 1.29 प्रतिशत तक फिसल गया। कोटक बैंक, मारुति, टाइटन और पावर ग्रिड भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। एफआईआई-डीआईआई की चाल विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 11 अगस्त को भारतीय बाजार में करीब 1,002.50 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जो निवेशकों के लिए थोड़ी चिंता की बात हो सकती है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इस दबाव को काफी हद तक संभाल लिया और 5,841.66 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया। ग्लोबल संकेत और कच्चा तेल बना दबाव का कारण एशियाई बाजारों से आज मिला-जुला लेकिन ज्यादातर मजबूत रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई करीब 1.75 प्रतिशत उछला, वहीं हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट भी हरे निशान में रहे। अमेरिका में महंगाई के आंकड़े अनुमान के मुताबिक आने से फेड की ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी की आशंका कमजोर पड़ी, जिसका असर एशियाई बाजारों पर सकारात्मक दिखा। हालांकि, घरेलू मोर्चे पर ब्रेंट क्रूड का 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बने रहना निवेशकों के लिए लगातार चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल दोनों पर दबाव बढ़ सकता है। आगे क्या? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार का रुख सीमित दायरे में रहते हुए हल्का तेजी वाला बना रह सकता है, बशर्ते ग्लोबल इक्विटी से सपोर्ट मिलता रहे। बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का स्तर अहम माना जा रहा है—इसके नीचे टूटने पर बिकवाली का दबाव बढ़कर इंडेक्स को 56,500 तक ले जा सकता है। निवेशकों की नजर आगे भारत और अमेरिका के महंगाई आंकड़ों के साथ-साथ कच्चे तेल की चाल पर भी टिकी रहेगी। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह न समझा जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, कृपया किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें। आपकी राय जरूरी है: क्या आपको लगता है कि आने वाले सत्रों में बाजार तेजी पकड़ेगा, या कच्चे तेल की ऊंची कीमतें इस पर भारी पड़ेंगी? कमेंट में जरूर बताएं।