सोमवार, 24 अगस्त 2026 को घरेलू शेयर बाजार ने हरे निशान के साथ कारोबार की शुरुआत की। पिछले हफ्ते की सुस्ती के बाद निवेशकों ने राहत की सांस ली, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वॉल स्ट्रीट से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार का मूड बेहतर किया। सुबह 9:32 बजे बीएसई सेंसेक्स 109.26 अंक यानी 0.14% चढ़कर 77,650.09 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 25.20 अंक यानी 0.10% की बढ़त के साथ 24,277.20 पर टिका हुआ था। नोट: यह आंकड़े कारोबार के शुरुआती घंटे के हैं, बाजार दिनभर उतार-चढ़ाव से गुजर सकता है और अंतिम बंद स्तर अलग हो सकते हैं। पिछले सत्र का हाल शुक्रवार को बाजार लगभग सपाट बंद हुआ था। सेंसेक्स महज 3.11 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 पर टिका, वहीं निफ्टी 50 ने 20.15 अंक यानी 0.08% चढ़कर 24,252.00 का स्तर छुआ था। बिजली, वित्तीय और चुनिंदा एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी ने ऑटो, आईटी और एफएमसीजी में बिकवाली का असर कुछ हद तक बेअसर किया। हालांकि, पूरे हफ्ते के हिसाब से देखें तो दोनों सूचकांक दबाव में रहे — सेंसेक्स करीब 0.6% और निफ्टी लगभग 0.5% फिसला, जिसकी बड़ी वजह ऊंचे कच्चे तेल के दाम और वैश्विक बॉन्ड बाजार में बिकवाली रही। आज किन शेयरों में रौनक आज सुबह की चाल में आईटी सेक्टर सबसे आगे नजर आया, जहां ट्रैक किए गए सभी पांच प्रमुख शेयरों में तेजी दिखी और यह समूह करीब 0.88% चढ़ गया। इन्फोसिस ने 1.69% की छलांग लगाई, जबकि एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने भी मजबूती दिखाई। मेटल शेयरों ने भी अच्छा साथ दिया — हिंडाल्को 1.44% ऊपर रहा, वहीं टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील ने आयरन-स्टील पैक को सहारा दिया। बैंकिंग शेयर भी हल्की बढ़त में रहे, छह में से पांच शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे और समूह में करीब 0.17% की तेजी रही। दूसरी ओर, हीरो मोटोकॉर्प, सिप्ला और ग्रासिम जैसे शेयर शुरुआती कारोबार में दबाव में दिखे। कुल मिलाकर बाजार की चौड़ाई सीमित रही — 50 शेयरों के बास्केट में 27 शेयर बढ़त में और 23 गिरावट में रहे, यानी तेजी चुनिंदा शेयरों तक ही सीमित नजर आई, न कि पूरे बाजार में एकसमान। आगे क्या रुझान रह सकता है बाजार के लिए आगे की दिशा तय करने वाला अहम पहलू यह रहेगा कि क्या आईटी और बैंकिंग की अगुवाई अन्य सेक्टरों तक फैलती है, या तेजी सीमित दायरे में ही रहती है। ईरान से जुड़ी तेल निर्यात संबंधी चिंताओं के बावजूद बाजार ने फिलहाल इसे नजरअंदाज करते हुए वैश्विक संकेतों पर भरोसा जताया है। निवेशकों की नजर कच्चे तेल की चाल, रुपये के उतार-चढ़ाव और आगामी वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर भी बनी रहेगी। जोखिम भरा है निवेश शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है, इसे निवेश सलाह न समझें। कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर सलाह लें। आपकी नजर में आज किस सेक्टर में सबसे ज्यादा दम दिख रहा है — आईटी, मेटल या बैंकिंग? कमेंट में बताएं।