मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को घरेलू शेयर बाजार में सुस्ती छाई रही। दोपहर के कारोबार में Sensex करीब 330-360 अंक टूटकर 78,180-78,210 के दायरे में कारोबार करता दिखा, वहीं Nifty50 भी 95-115 अंकों की गिरावट के साथ 24,470-24,490 के स्तर पर फिसल गया। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स में करीब आधा फीसदी की कमजोरी दर्ज हुई। गिरावट की वजह क्या रही? बाजार में आज की सुस्ती के पीछे मुख्य कारण अमेरिका-ईरान डील को लेकर उम्मीदों का कमजोर पड़ना रहा। इससे ग्लोबल स्तर पर सतर्कता बढ़ी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली — ब्रेंट क्रूड करीब एक हफ्ते के हाई पर पहुंचकर 87-88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगा क्रूड हमेशा चिंता की बात होती है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाता घाटे दोनों पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा, FII यानी विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ी, हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी ने कुछ हद तक गिरावट को थामने का काम किया। बैंकिंग शेयरों पर सबसे ज्यादा असर आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग सेक्टर पर दिखा। Nifty Bank इंडेक्स करीब 0.7 फीसदी टूटा, और HDFC Bank का शेयर तो दो साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। Axis Bank भी टॉप लूजर्स में शामिल रहा। इसके अलावा IndiGo, UltraTech Cement और Bharti Airtel जैसे दिग्गज शेयरों में भी 1-1.7 फीसदी तक की गिरावट दर्ज हुई। IT स्टॉक्स ने दी राहत हालांकि हर तरफ बिकवाली नहीं रही। IT सेक्टर के शेयरों ने आज बाजार को कुछ सहारा दिया। HCL Tech, Infosys, TCS, Tech Mahindra और Titan जैसे शेयर करीब 1 फीसदी तक चढ़े और Sensex के टॉप गेनर्स में शुमार रहे। Bajaj Finserv में भी हल्की मजबूती देखी गई। अडानी ग्रुप और BSE पर भी नजर आज अडानी ग्रुप के शेयर भी सुर्खियों में रहे, क्योंकि अमेरिका की एक अदालत ने गौतम अडानी के खिलाफ धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी के आरोपों वाला केस खारिज कर दिया। इसके अलावा BSE लिमिटेड की चर्चा भी तेज रही — NSE ने ऐलान किया है कि 30 सितंबर से Nifty50 इंडेक्स में Wipro की जगह BSE को शामिल किया जाएगा। आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक जब तक Nifty 24,700-24,730 के रेजिस्टेंस जोन से ऊपर मजबूती से नहीं टिकता, तब तक बाजार में सतर्कता बनी रह सकती है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर इंडेक्स 24,850 तक जा सकता है। वहीं नीचे की तरफ 24,500-24,450 पर तत्काल सपोर्ट है, और इसके टूटने पर 24,300 के स्तर तक करेक्शन देखने को मिल सकता है। आने वाले सत्रों में क्रूड ऑयल की चाल, FII फ्लो और चल रहे Q1 नतीजों के सीजन पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, कृपया निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। आपकी नजर में आज बैंकिंग शेयरों में आई गिरावट खरीदारी का मौका है या आगे और करेक्शन की आशंका बनी हुई है? कमेंट में बताएं।