नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने जैन की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया जाना एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जैन को पहले भी एक मामले में जेल भेजा गया था और अब दोबारा उन्हें कथित तौर पर झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई कब तक जारी रहेगी। केजरीवाल ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं को दबाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस कार्रवाई से डरने वाली नहीं है और सत्येंद्र जैन के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि समय के साथ पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। मनीष सिसोदिया का X पर पोस्ट यहां क्लिक करें और पढ़ें मनीष सिसोदिया ने भी बीजेपी पर साधा निशाना आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी जैन की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब चुनाव से ठीक पहले सत्येंद्र जैन, जो पंजाब में पार्टी के सह-प्रभारी हैं, की गिरफ्तारी कई सवाल खड़े करती है। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनावी मुकाबले में आम आदमी पार्टी का सामना करने के बजाय जांच एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। अनुराग ढांडा ने उठाए मामले की टाइमिंग पर सवाल आप के मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने गिरफ्तारी से जुड़े मामले की टाइमिंग पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि जिस टेंडर से जुड़े मामले में कार्रवाई की जा रही है, वह अक्टूबर 2022 का है, जबकि सत्येंद्र जैन मई 2022 से ही एक अन्य मामले में जेल में थे। ढांडा ने आरोप लगाया कि मौजूदा कार्रवाई के पीछे राजनीतिक द्वेष हो सकता है। आतिशी बोलीं- सत्ता के अहंकार की भी सीमा होती है दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी ताकत के जरिए किसी व्यक्ति को कुछ समय के लिए दबाव में लाया जा सकता है, लेकिन सच्चाई को हमेशा दबाया नहीं जा सकता। आम आदमी पार्टी ने साफ किया है कि वह इस मामले को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाएगी। वहीं, गिरफ्तारी के पीछे जांच एजेंसी की कार्रवाई और आरोपों की वास्तविक स्थिति अब आगे की कानूनी प्रक्रिया में स्पष्ट होगी। ये भी पढ़ें : संसद मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस का सुप्रीम कोर्ट में जवाब, कहा- प्रदर्शन गैरकानूनी था