TMC Political Crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर लंबे समय से चल रही अंदरूनी असंतोष की चर्चा अब खुलकर सामने आती दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के 20 में से 19 सांसदों ने नेतृत्व से नाराजगी जताते हुए अलग राह अपनाने का मन बना लिया है। बताया जा रहा है कि इन सांसदों की ओर से 18 मई को लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय को अपने नामों की सूची भी भेजी गई है। TMC को बड़ा झटका इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। यदि यह कदम आधिकारिक रूप से आगे बढ़ता है, तो तृणमूल कांग्रेस को संसद में बड़ा झटका लग सकता है। राजनीतिक जानकार इसे पार्टी के इतिहास की सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती मान रहे हैं। कौन-कौन से नाम शामिल जिन सांसदों के नाम इस सूची में बताए जा रहे हैं, उनमें काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, डॉ. शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश बर्मा बसुनिया, असित कुमार मल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर रहमान, अबू ताहिर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग, माला रॉय, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया और पार्थ भौमिक शामिल हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव इस पूरे मामले पर पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस संकट से कैसे निपटता है और क्या बागी सांसद अपने फैसले पर कायम रहते हैं। ये भी पढें: एक और राज्यसभा सांसद ने छोड़ा साथ, क्या ममता बनर्जी के सामने खड़ा हो रहा बड़ा संकट?