Rohit Sharma|| Rohit Mumbai interview|| Mumbai Indians|| Team India|| Cricket news: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस के ‘ईएसए डे’ कार्यक्रम में कहा कि वह भारत को विश्व क्रिकेट का सबसे मजबूत देश बनते देखना चाहते हैं। इस दौरान रोहित ने अपने करियर, कप्तानी और क्रिकेट में आए बदलावों पर खुलकर बात की उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल भारतीय क्रिकेट के लिए शानदार रहे हैं। उनके अनुसार, टीम ने बड़े टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है। रोहित ने 2024 विश्व कप, महिला विश्व कप, अंडर-19 वर्ल्ड कप, आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और एक अन्य टी20 विश्व कप का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि भारत आगे भी जीत का सिलसिला जारी रखेगा। टी20 क्रिकेट में बहुत बदल गया खेल रोहित शर्मा ने कहा कि जब उन्होंने टी20 खेलना शुरू किया था, तब 130 या 140 रन अच्छा स्कोर माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं लगता। बल्लेबाज पहले से ज्यादा तेजी और खुलकर खेल रहे हैं। रोहित के मुताबिक, यही दिखाता है कि क्रिकेट कितनी तेजी से बदला है। नए खिलाड़ी बिना डर के खेल रहे रोहित ने कहा कि आज के खिलाड़ी पहले से ज्यादा निडर हैं। वे खुलकर खेलते हैं और नए तरीके अपनाने से पीछे नहीं हटते। उन्होंने माना कि यह बदलाव खेल और लीग दोनों के लिए अच्छा है। आने वाले समय में क्रिकेट और आगे जाएगा। बच्चों को खेल का आनंद लेने की सलाह युवा खिलाड़ियों को लेकर रोहित ने कहा कि कम उम्र में बच्चों पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए। उन्हें सिर्फ खेल का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका सफर भी दोस्तों के साथ खेलते हुए शुरू हुआ था। समय के साथ खिलाड़ी खुद समझने लगता है कि उसे आगे क्या करना है। मुश्किल समय ने दी सबसे बड़ी सीख अपने करियर के बारे में बात करते हुए रोहित ने कहा कि उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। इन्हीं अनुभवों से उन्हें सबसे ज्यादा सीख मिली। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में आसान सफर नहीं होता। अच्छा और बुरा समय दोनों इंसान को मजबूत बनाते हैं। कप्तानी ने बदली जिम्मेदारी की समझ रोहित शर्मा ने कहा कि भारत और मुंबई इंडियंस की कप्तानी ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया। कप्तान बनने के बाद सोच सिर्फ अपने प्रदर्शन तक नहीं रहती। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य सबसे ज्यादा जरूरी होता है। अगर कोई खिलाड़ी अच्छा खेले, लेकिन टीम हार जाए, तो खुशी नहीं मिलती। रोहित के मुताबिक, कप्तानी ने उन्हें टीम के बारे में पहले सोचने की सीख दी। ये भी पढ़ें : 75 एकड़ में बनेगा 80 हजार क्षमता वाला विशाल क्रिकेट स्टेडियम, भारत का दूसरा सबसे बड़ा मैदान—जानिए पूरी जानकारी