Women ODI World Cup 2025: 2 नवंबर 2025 का दिन भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। इसी तारीख को टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। इस जीत के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने पांच दशक से अधिक समय से चले आ रहे इंतजार को खत्म कर इतिहास रच दिया। 52 साल का लंबा इंतजार महिला वनडे क्रिकेट की शुरुआत 1973 में हुई थी, लेकिन भारतीय टीम को पहली बार विश्व चैंपियन बनने के लिए 52 साल इंतजार करना पड़ा। इससे पहले भारत ने 2005 और 2017 में फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन दोनों मौकों पर खिताब हाथ नहीं लग पाया। शेफाली-मंधाना की जोड़ी ने रखी जीत की नींव फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार शुरुआत की। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 104 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। शेफाली ने 87 रन की शानदार पारी खेली, जबकि मंधाना ने 45 रन बनाए। इसके बाद मध्यक्रम में कुछ बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे, लेकिन दीप्ति शर्मा ने 58 रन बनाकर टीम को संभाला। भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में 298 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। लौरा वुल्वार्ट के शतक ने बढ़ाई भारत की धड़कनें 299 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को कप्तान लौरा वुल्वार्ट ने मजबूती दी। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 101 रन बनाए और लंबे समय तक भारतीय गेंदबाजों के सामने चुनौती बनी रहीं। हालांकि, दूसरे छोर से उन्हें लगातार सहयोग नहीं मिला। निर्णायक मोड़ तब आया, जब दीप्ति शर्मा ने वुल्वार्ट को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका की पारी लड़खड़ा गई और पूरी टीम 246 रन पर सिमट गई। भारत ने 52 रन से मुकाबला जीतकर पहली बार महिला वनडे विश्व कप की ट्रॉफी उठाई। यह सिर्फ एक खिताबी जीत नहीं थी, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी बनी। ये भी पढ़ें: अभिषेक के तूफान में उड़ा न्यूजीलैंड, टीम इंडिया ने तीसरे टी20 में 3-0 से हासिल की जीत