Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की कथित चोरी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पांच याचिकाओं का निपटारा कर दिया है। सोमवार, 2 नवंबर को सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को बताया कि विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। ट्रायल कोर्ट में रख सकेंगे पक्ष चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता चाहें तो मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता या पीड़ित पक्ष के रूप में ट्रायल कोर्ट की सहायता कर सकते हैं। हालांकि, शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि उसने मामले के आरोपों की सच्चाई या उनके गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। 105 घटनाओं की जांच में 8 लोगों के खिलाफ मिले सबूत इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार को नई SIT गठित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद 27 जुलाई को सरकार ने नई टीम बनाए जाने की जानकारी दी। इसकी कमान लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस को सौंपी गई। टीम में एक डीआईजी और एक एसएसपी भी शामिल किए गए। 21 सितंबर को SIT ने अदालत को अपनी स्टेटस रिपोर्ट सौंपी थी। जांच में चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित चोरी की 105 घटनाओं का पता चलने और आठ लोगों के खिलाफ सबूत मिलने की जानकारी दी गई थी। जांच में CCTV फुटेज और बैंक खातों के रिकॉर्ड जैसे साक्ष्य शामिल थे। रिपोर्ट देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने SIT को आरोपपत्र दाखिल करने की अनुमति दी थी। CBI जांच समेत की गई थीं कई मांगें सुप्रीम कोर्ट में वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी, अजय कुमार राय, आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह, हिंदू धर्म परिषद और अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से पांच याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इनमें CBI जांच, विशेष SIT, दान प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति, ट्रस्ट का फोरेंसिक ऑडिट और मंदिर को मिलने वाले चढ़ावे का विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने जैसी मांगें शामिल थीं। ट्रस्ट में भी हुए बदलाव मामला सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में भी कुछ बदलाव किए गए। ट्रस्ट ने पहली बार CEO नियुक्त किया और वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र को यह जिम्मेदारी सौंपी। वहीं, 27 जून को ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की आगे की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में कानून के अनुसार होगी। ये भी पढ़ें: दिल्ली में BS-4 वाहनों पर रोक का नोएडा पर असर, बॉर्डर पर लंबा जाम, 50 KM तक बढ़ेगा सफर!