Delhi BS4 Vehicle Ban 2026: दिल्ली में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए लागू किए गए नए यातायात नियमों का असर नोएडा में दिखाई देने लगा है। दूसरे राज्यों में पंजीकृत BS-4 वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक के बाद नोएडा-दिल्ली के प्रमुख बॉर्डर पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। DND, चिल्ला बॉर्डर और कालिंदी कुंज समेत कई रास्तों पर चेकिंग के चलते लंबी कतारें लग रही हैं। इससे दिल्ली जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। BS-4 वाहनों पर तीन महीने की रोक दरअसल, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली में दूसरे राज्यों के BS-4 वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, दिल्ली में पंजीकृत BS-4 वाहन इस पाबंदी से बाहर हैं। BS-6, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति है। नियमों का पालन कराने के लिए सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की टीमें वाहनों की जांच कर रही हैं। DND और चिल्ला बॉर्डर पर बढ़ी परेशानी DND और सेक्टर-14A के पास चिल्ला बॉर्डर पर जांच के कारण दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। प्रतिबंधित श्रेणी के वाहनों को वापस लौटाया जा रहा है। यमुना पुल, सराय काले खां और आउटर रिंग रोड के आसपास भी यातायात का दबाव देखने को मिला। दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर भी जांच जारी है। 50 किलोमीटर तक बढ़ सकती है दूरी इस फैसले का असर उन वाहन चालकों पर भी पड़ रहा है, जो दिल्ली से होकर देहरादून, चंडीगढ़, अंबाला, रोहतक, पानीपत और हरियाणा के अन्य शहरों की ओर जाते हैं। अब उन्हें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे कुछ यात्रियों की दूरी 45 से 50 किलोमीटर तक बढ़ सकती है। समय के साथ ईंधन खर्च भी बढ़ने की आशंका है। पहले दिन 68.4 लाख रुपये का जुर्माना रिपोर्ट के मुताबिक, नियम लागू होने के पहले दिन उल्लंघन करने वाले वाहनों से 68.4 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया और हजारों वाहनों को दिल्ली से वापस भेजा गया। नोएडा में करीब 1.51 लाख BS-4 वाहन पंजीकृत हैं। ऐसे में रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले लोगों के सामने अब वाहन की श्रेणी और वैकल्पिक रास्ते की जानकारी रखना जरूरी हो गया है। आने वाले दिनों में बॉर्डर पर जांच और ट्रैफिक दबाव के चलते जाम की चुनौती बनी रह सकती है। ये भी पढ़ें: दिवाली से पहले दिल्ली-NCR की हवा बनी जहर! 420 पहुंचा AQI, 34 इलाकों में सांस लेना मुश्किल