कल की भारी गिरावट के बाद आज बाज़ार संभलकर खुल रहे हैं। मंगलवार, 23 जून को सेंसेक्स 893 अंक (1.16%) गिरकर 76,200.68 पर और निफ्टी50 249 अंक (1.03%) गिरकर 23,854.15 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 1,012 अंकों तक की गिरावट आई और निफ्टी50 गिरकर 23,785 के निचले स्तर तक पहुँच गया। इस गिरावट की मुख्य वजह HDFC बैंक, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ICICI बैंक, SBI और TCS जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। आज के शुरुआती संकेत GIFT निफ्टी फ्यूचर्स के संकेतों के अनुसार, बुधवार, 24 जून को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क के सपाट (बिना किसी बड़े बदलाव के) खुलने की उम्मीद है। एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच GIFT सिटी में निफ्टी फ्यूचर्स 13 अंक (0.05%) बढ़कर 23,865 पर पहुंच गया। अपस्टॉक्स हालांकि पिछले दिन भारी बिकवाली हुई थी, लेकिन GIFT निफ्टी के मामूली सकारात्मक शुरुआत के संकेत देने से घरेलू बाजार खुलने पर थोड़ी रिकवरी की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, व्यापक बाजार धारणा में कमजोरी के कारण बढ़त सीमित रह सकती है। मंगलवार को आई गिरावट की वजह क्या थी? दक्षिण कोरिया के स्टॉक एक्सचेंज में KOSPI इंडेक्स के 9% से ज़्यादा गिरने के बाद सर्किट ब्रेकर लगने से ग्लोबल मार्केट पर दबाव आ गया। दक्षिण कोरिया में यह गिरावट सेमीकंडक्टर शेयरों की वजह से हुई, जिसमें SK Hynix के शेयर 10% से ज़्यादा और Samsung Electronics के शेयर 7.5% गिरे। दूसरे एशियाई बाज़ार भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के दबाव के बाद निवेशकों का भरोसा भी डगमगा गया, क्योंकि AI की तरफ तेज़ी से रुख करने वाले निवेशक अब शायद अपने फ़ैसले पर दोबारा सोच रहे हैं। सेक्टर का प्रदर्शन (23 जून को क्लोजिंग) IT और टेक सेक्टर पर सबसे बुरा असर पड़ा। ग्लोबल स्तर पर US टेक शेयरों में बिकवाली के बीच इन्फोसिस और TCS सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनियों में शामिल रहीं। फार्मा और हेल्थकेयर डिफेंसिव सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रहा; निफ्टी फार्मा 1.03% और निफ्टी हेल्थकेयर 0.64% ऊपर चढ़े। ब्रॉडर मार्केट निफ्टी मिडकैप 100 में 0.89% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.45% की गिरावट आई, जो पूरे मार्केट में बड़े पैमाने पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। आज ध्यान देने लायक टेक्निकल लेवल्स निफ्टी 50 अपने पिछले क्लोजिंग लेवल से थोड़ा नीचे, 24,074 के आसपास खुला। इंडेक्स अभी भी 24,000 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल से ऊपर बना हुआ है, जो दिखाता है कि रिकवरी का ट्रेंड अभी भी बरकरार है। एनरिच मनी खास लेवल: 24,200 का लेवल तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन का काम करता हैअगर यह लेवल टूटता है, और मार्केट इसके ऊपर बना रहता है, तो 24,400 की ओर तेज़ी (बुलिश मोमेंटम) को और बढ़ावा मिलेगा। नीचे की तरफ, 24,000–23,900 का दायरा एक अहम सपोर्ट ज़ोन है; अगर यह 23,900 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो 23,800 की ओर नई प्रॉफिट-बुकिंग शुरू हो सकती है। FII / DII गतिविधि NSE के डेटा के अनुसार, मंगलवार को FIIs ने ₹17.86 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने ₹680 करोड़ के शेयर खरीदे। NSDL के डेटा के मुताबिक, FIIs ने इस साल अब तक ₹2,79,544 करोड़ के शेयर बेचे हैं। ग्लोबल संकेत ग्लोबल इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑफ (जोखिम से बचने का) माहौल होने के कारण यूरोपीय बाज़ार काफी गिरावट के साथ बंद हुए। इसका असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ सकता है और घरेलू बाज़ार में ज़ोरदार खरीदारी सीमित हो सकती है। कुल मिलाकर आउटलुक: भारी गिरावट के बाद आज बाज़ार संभलने की कोशिश कर रहा है। निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर अहम बना हुआ है — मंदी के माहौल को बदलने के लिए बुल्स (तेज़ी लाने वाले) को इस स्तर को फिर से हासिल करना होगा और इसके ऊपर बने रहना होगा। फार्मा और डिफेंसिव सेक्टर में तेज़ी बनी रह सकती है, जबकि ग्लोबल टेक सेक्टर में कमजोरी के कारण IT शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। यह विश्लेषण केवल जानकारी के लिए है, न कि निवेश की सलाह। बाज़ार लाइव होते हैं और ट्रेडिंग सेशन के दौरान डेटा बदल सकता है।