उत्तर प्रदेशबाँदा

आधी रात DM आवास पहुंचे महिलाएं-बच्चे! घरों में घुसा बारिश का पानी, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बांदा में जलभराव से परेशान ग्रामीण आधी रात महिलाओं और बच्चों संग डीएम आवास पहुंचे। शिकायत पर प्रशासन ने राहत और जल निकासी के निर्देश दिए।

Banda Rain News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में लगातार बारिश के बाद जलभराव से परेशान ग्रामीणों का सब्र टूट गया। देर रात महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पन्नी ओढ़कर जिलाधिकारी आवास पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई, जिससे उनके घरों में पानी भर गया और रोजमर्रा का सामान बर्बाद हो गया।

घरों में घुसा पानी

मामला कनवारा गांव का है, जहां भारी बारिश के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी। देखते ही देखते पानी घरों में घुस गया। इससे राशन, कपड़े, घरेलू सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं खराब हो गईं। हालात इतने बिगड़ गए कि ग्रामीण रात करीब 12 बजे ही महिलाओं और बच्चों को साथ लेकर जिलाधिकारी आवास पहुंच गए और राहत की मांग करने लगे।

प्रशासन हरकत में

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया था। आरोप है कि अधिकारी गांव पहुंचे जरूर, लेकिन केवल औपचारिक निरीक्षण कर लौट गए और जल निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी लापरवाही से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अमित आसेरी ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कनवारा गांव पहुंचने के निर्देश दिए और जल निकासी के साथ राहत कार्य शुरू कराने के आदेश जारी किए। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की।

स्थायी समाधान की मांग

इस दौरान समाजवादी पार्टी की नेत्री नीलम गुप्ता भी ग्रामीणों के समर्थन में मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तीखी नाराजगी जताई और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि हर बरसात में उन्हें इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांव में स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान लोगों को इस तरह की मुश्किलों का सामना न करना पड़े। फिलहाल प्रशासन ने राहत और जल निकासी का काम शुरू कराने का भरोसा दिया है, जबकि ग्रामीण स्थायी समाधान की मांग पर अड़े हुए हैं।

रिपोर्ट- अभिषेक शुक्ला

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