उत्तर प्रदेशबाँदा

STF का बड़ा एक्शन, 60 लाख का अवैध कोडीन सीरप बरामद

बांदा में STF और पुलिस ने 60.45 लाख रुपये कीमत का अवैध कोडीन सीरप बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। डीसीएम से 30 हजार बोतलें बरामद हुईं।

Banda STF Action: उत्तर प्रदेश STF और थाना बिसंडा पुलिस की संयुक्त टीम ने नशीली दवाओं की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए अवैध कोडीन सीरप की भारी खेप के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। जो कि दिल्ली से अतर्रा जा रहे थे।

60 लाख का अवैध सीरप बरामद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूपी एसटीएफ को बांदा क्षेत्रांतर्गत अवैध कोडीन सीरप के परिवहन की सटीक सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसटीएफ ने थाना बिसंडा पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस टीम ने संदिग्ध डीसीएम गाड़ी को ट्रेस कर रोका और जब उसकी तलाशी ली गई, तो गाड़ी के अंदर से 100 एमएल की 30,000 बोतलें (कुल 250 पेटी, वजन लगभग 3,000 लीटर) बरामद की गईं। बाजार में इस बरामद सीरप की अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख 45 हजार रुपये बताई जा रही है।

चार आरोपी पुलिस हिरासत में

​कार्रवाई के दौरान डीसीएम गाड़ी को एस्कॉर्ट कर रही एक चार पहिया कार को भी मौके से जब्त किया गया है। पुलिस ने डीसीएम चालक समेत कार में सवार तीन अन्य व्यक्तियों को मौके से ही हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान धीरेंद्र (निवासी नहर पुरवा, थाना बिसंडा, बांदा), प्रवीण उर्फ लकी (निवासी लखन कॉलोनी अतर्रा, बांदा), रोहित (निवासी रामलीला मैदान अतर्रा, बांदा) और शेखर (निवासी ग्राम भैना, थाना बहादुरगढ़, हापुड़) के रूप में हुई है।

नशे में इस्तेमाल हो रहा सीरप

​मामले की जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) बबेरू, कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि कोडीन सिरप से भरा डीसीएम दिल्ली से अतर्रा सप्लाई के लिए जा रहा था। जो कि पूरी तरह अवैध था इस सिरप का इस्तेमाल खांसी के अलावा आज के युवा नशे के लिए करते हैं क्योंकि इसमें कोडीन फॉस्फेट नामक नशीला केमिकल मिला होता है। जिसे बिना डॉक्टर की अनुमति से नहीं बेचा जाता इस सिरप को तस्कर गांव गांव दुगनी कीमत पर बेचते हैं।

सरगना की तलाश में पूछताछ

अन्य नशीले पदार्थ की अपेक्षा यह सस्ता होता है इसलिए इसका बड़ी मात्रा में नशे के लिए लोग प्रयोग करते हैं। पकड़े गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि नशीली दवाओं के इस अवैध नेटवर्क के मुख्य सरगना का पता लगाया जा सके। पुलिस द्वारा मामले में आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रिपोर्ट- अभिषेक शुक्ला

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