उत्तर प्रदेशकानपुर देहात

‘पापा ईंट मंगा लो… इस कच्चे घर में डर लगता है’, कच्ची दीवार बनी काल, मलबे में दबकर दो मासूम बच्चों की मौत

कानपुर देहात में बारिश के दौरान कच्चे मकान की दीवार गिरने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। पिता घायल हैं। आवास योजना में लापरवाही की जांच के निर्देश दिए गए।

Reported by Manish Mishra and edited by Shagun Chaurasia

Kanpur Dehat News: उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात में तेज बारिश के बीच बुधवार की रात 10 बजे मूसानगर थाना क्षेत्र के जरसेन गांव में कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में मलबे के नीचे दबकर दंपती के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबा हटाकर परिवार को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों बच्चों की जान जा चुकी थी।

अचानक दीवार गिरी

जरसेन गांव निवासी मुकेश अपनी पत्नी संगीता, बेटी पलक (7) और बेटे लवेश (3) के साथ कच्चे मकान में रहते थे। परिवार मजदूरी कर गुजर-बसर करता है। हादसे से कुछ देर पहले परिवार ने साथ बैठकर कढ़ी-चावल खाया था। मुकेश बाजार से कालाजाम लेकर आए थे। खाना खाने के बाद सभी ने मिठाई खाई और चारपाइयों पर सोने चले गए। इसी दौरान अचानक मकान की दीवार भरभराकर गिर गई और पूरा परिवार मलबे में दब गया।

दो बच्चों की मौत

हादसे में पलक और लवेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मुकेश गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके हाथ में फ्रैक्चर होने के साथ शरीर पर भी चोटें आई हैं। उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

पक्के घर की आस

परिजनों के मुताबिक, हादसे से पहले बेटी पलक ने अपने पिता से पक्का मकान बनवाने की बात कही थी। उसने कहा था कि “पापा, ईंट मंगा लो… इस कच्चे घर में डर लगता है।” परिवार के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास के लिए भी प्रयास किए गए थे। मुकेश ने आरोप लगाया कि प्रधान की ओर से कभी 10 हजार तो कभी 20 हजार रुपये की मांग की जाती थी। उनका कहना है कि यदि समय रहते पक्का मकान मिल जाता तो शायद आज दोनों बच्चे जिंदा होते। संगीता ने भी बताया कि वह घर की हालत को लेकर डरी हुई थी। उसने पति से मकान पक्का कराने की बात कही थी। परिवार को क्या पता था कि कुछ ही देर बाद वही दीवार बच्चों की जिंदगी निगल लेगी।

बच्चों की मौत से मां बदहवास

दोनों बच्चों की मौत के बाद मां संगीता का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बच्चों को याद कर बदहवास हो रही है। परिजनों के अनुसार सदमे में उसकी आवाज तक ठीक से नहीं निकल रही। वह बच्चों को याद कर कह रही है, “मेरे दोनों हीरे चले गए… अब जीवन का क्या फायदा।” अस्पताल में भर्ती मुकेश भी बार-बार बच्चों को याद कर रो रहे हैं।

DM ने जांच के दिए निर्देश

जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि परिवार को अब तक आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिला। हादसे ने गरीब परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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