SAMAJWADI PARTY|| AKHILESH YADAV|| LUCKNOW: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले चुनावों को लेकर हलचल बढ़ गई है। इसी सिलसिले में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने लखनऊ में 'पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) ऑडिट' पर एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने आंकड़ों की 'लाल किताब' दिखाते हुए राज्य में मौजूदा भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश यादव का कहना है कि उत्तर प्रदेश की सरकारी नौकरियों में वंचित समाज के अधिकारों का हनन किया जा रहा है और आरक्षण के नियमों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस समय नौकरियों में आरक्षण के मामले में खुलेआम धोखाधड़ी हो रही है। उन्होंने 2019 की 69,000 शिक्षक भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि इस भर्ती में पिछड़े वर्ग को संविधान के अनुसार 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए था, लेकिन उन्हें केवल 3.86 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। उनके मुताबिक, इस भर्ती में लगभग 23 प्रतिशत आरक्षण की चोरी हुई है, जिससे लगभग 20,000 युवाओं का हक छिना गया। सपा प्रमुख ने बताया कि इस लूट को खुद उत्तर प्रदेश सरकार भी मान चुकी है। 90 दिनों में न्याय और जातिगत जनगणना का वादा सपा के नेता ने युवाओं को आश्वासन देते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि अगर उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार बनती है, तो वे पहले 90 दिनों के अंदर 69,000 शिक्षक भर्ती के मुद्दे को पूरी तरह से सुलझा कर युवाओं को नौकरी और न्याय देंगे। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बनने के 90 दिनों के भीतर राज्य में जातिगत जनगणना भी कराई जाएगी। भाजपा पर साधा निशाना अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा जानबूझकर ऐसे नियम बना रही है जो पिछड़े और दलित वर्ग के लोगों को नौकरियों से वंचित रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि "आरक्षण कोई भीख नहीं है, बल्कि यह हमारा हक और अधिकार है।" इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश के साथ डिंपल यादव, शिवपाल यादव और सांसद इकरा हसन जैसे कई बड़े नेता मौजूद थे, जिन्होंने 'आरक्षण का मिशन अधूरा, अखिलेश यादव करेंगे पूरा' का नारा भी लगाया। ये भी पढ़ें: रायबरेली में राहुल गांधी की हुंकार, पीएम-गृहमंत्री को कह दिया गद्दार!