Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कानपुर के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। नदी का पानी अब रिहायशी इलाकों में तेजी से फैल रहा है। पिपौरी गांव में बाढ़ का पानी पूरी तरह फैल चुका है, जिसके चलते गांव के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं। घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। बाढ़ की गंभीर स्थिति की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह NDRF की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया। प्रशासन और NDRF की टीमें नावों के जरिए जलमग्न इलाकों में पहुंचकर घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल रही हैं। रेस्क्यू अभियान में बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। नावों के जरिए घर-घर पहुंच रही NDRF पिपौरी गांव में पानी का स्तर बढ़ने के बाद कई परिवार अपने घरों में फंस गए। NDRF के जवान नावों के जरिए गांव के अंदर तक पहुंचे और घर-घर जाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अब तक करीब 30 से 40 मकानों में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। टीम करीब 50 घरों तक पहुंच चुकी है और जिन इलाकों में पानी अधिक है, वहां लगातार अभियान चलाया जा रहा है। रेस्क्यू के दौरान टीम ने बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को पहले सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। लोगों को नावों के जरिए ऊंचे और सुरक्षित स्थानों तक ले जाया जा रहा है। अचानक बढ़े पानी के कारण ग्रामीणों में चिंता और दहशत का माहौल है। कई परिवार जरूरी सामान लेकर अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। पिपौरी ही नहीं आसपास के कई गांव भी प्रभावित पांडु नदी के बढ़े जलस्तर का असर पिपौरी गांव के अलावा आसपास के कई इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। मेहरबान सिंह का पुरवा, मर्दनपुर और मायापुरम समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इन इलाकों में करीब 1000 से ज्यादा परिवारों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। बाढ़ के पानी ने बड़ी संख्या में खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों के सामने एक ओर घरों में घुसते पानी से सुरक्षित निकलने की चुनौती है, तो दूसरी ओर उनकी मेहनत से तैयार फसलें भी पानी में डूब गई हैं। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों से जानकारी ली और प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रही हैं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन को और व्यापक करने की तैयारी भी रखी जा रही है। जलमग्न रास्तों पर न जाने की अपील प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे जलमग्न पुलों, सड़कों और तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश न करें। नदी और बाढ़ के पानी के आसपास जाने से भी बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन और NDRF की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और उन्हें ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। पांडु नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर कानपुर के ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पिपौरी गांव में बाढ़ के बढ़ते दायरे के बीच NDRF और प्रशासन का रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। आने वाले समय में जलस्तर की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। ये भी पढ़ें: दरवाजे पर खड़े युवक को मारी गोली, मौके पर मौत! पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप