KANPUR NEWS: कानपुर के वार्ड नंबर 14 में बदहाल सफाई व्यवस्था के खिलाफ अब स्थानीय महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। लंबे समय से गंदगी, कूड़े के ढेर और बजबजाती नालियों की समस्या से परेशान महिलाओं ने पार्षद शालू सुनील कनौजिया के साथ मिलकर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ सात दिवसीय ‘नाली-झाड़ू-कूड़ा’ आंदोलन शुरू किया है। आंदोलन का पहला दिन ही अपने आप में अलग नजर आया। जिन गलियों और नालियों की सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम की है, वहां स्थानीय महिलाएं खुद झाड़ू लेकर पहुंचीं। पार्षद शालू सुनील कनौजिया और पूर्व पार्षद सुनील कनौजिया ने भी महिलाओं के साथ मिलकर सफाई की। इस दौरान महिलाओं ने सफाई व्यवस्था को लेकर अपना आक्रोश जाहिर किया। शिकायतों के बाद भी नहीं बदली तस्वीर पार्षद शालू सुनील कनौजिया का कहना है कि वार्ड में सफाई व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं, जबकि नालियों में गंदगी जमा होने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। दुर्गंध और गंदगी के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद ने कहा कि लगातार शिकायतें करने के बावजूद जब व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो लोगों को खुद सड़क पर उतरना पड़ा। उनका आरोप है कि वातानुकूलित कमरों में बैठकर व्यवस्था देखने वाले अधिकारियों को उन बस्तियों की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं है, जहां लोग रोजाना गंदगी और दुर्गंध के बीच जीवन गुजार रहे हैं। महिलाओं ने दिखाई जिम्मेदारी की मिसाल इस आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। महिलाओं ने हाथ में झाड़ू उठाकर खुद सफाई की और यह संदेश देने की कोशिश की कि सफाई केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाना भी जरूरी है। पार्षद ने आरोप लगाया कि गंदगी के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बीमारी का इलाज कराना बड़ी चुनौती है। सात दिन सफाई, आठवें दिन बड़ा खुलासा पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ सफाई अभियान तक सीमित नहीं रहेगा। सात दिनों तक क्षेत्र में सफाई अभियान चलाने के बाद आठवें दिन नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को उजागर करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि वार्ड के लोगों को साफ-सुथरा और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल कार्यक्रम में अभिषेक दीक्षित, अविनाश सिंह, शर्मिला, संगीता, माया, सुमन, सरिता, शालू जायसवाल, पूनम जायसवाल समेत कई स्थानीय लोग मौजूद रहे। महिलाओं ने सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। अब देखना होगा कि सात दिन तक चलने वाले इस आंदोलन के बाद नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग क्या कदम उठाता है और वार्ड 14 की सफाई व्यवस्था में कितना बदलाव आता है। ये भी पढ़ें : KANPUR NEWS : थाने में युवक ने टॉयलेट क्लीनर पीने की कोशिश की: नशे में पुलिस से उलझा, सिर पटकने लगा; लापरवाही पर दरोगा-हेड कांस्टेबल सस्पेंड