उत्तर प्रदेशकानपुर

एक ही चिता पर दी गई मादा तेंदुआ ‘जेरी’ और वृद्ध बाघिन को अंतिम विदाई

बिजनौर से रेस्क्यू किए गए दोनों वन्यजीवों की मौत, आईवीआरआई की जांच रिपोर्ट के बाद होगा कारणों का खुलासा।

Female Leopard ‘Jerry’ and Elderly Tigress Cremated Together : कानपुर। कानपुर प्राणी उद्यान में शनिवार का दिन वन्यजीव प्रेमियों और जू प्रशासन के लिए बेहद भावुक रहा। बिजनौर से रेस्क्यू कर लाए गए दो अलग-अलग वन्यजीवों मादा तेंदुआ ‘जेरी’ और एक वृद्ध मादा बाघिन की मौत हो गई। दोनों का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सकों की टीम की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद पूरे सम्मान के साथ एक ही चिता पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अब दोनों के टिश्यू सैंपल भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर, बरेली भेजे जाएंगे, जहां वैज्ञानिक जांच के बाद मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी।


सात वर्षों से कानपुर जू में थी ‘जेरी’

मादा तेंदुआ ‘जेरी’ को वर्ष 2019 में बिजनौर से रेस्क्यू कर कानपुर प्राणी उद्यान लाया गया था। तब से वह यहीं रह रही थी और उसकी नियमित चिकित्सकीय निगरानी की जा रही थी। इसी साल 7 अप्रैल को उसने असामान्य व्यवहार करते हुए अपनी ही पूंछ को गंभीर रूप से घायल कर लिया था। इसके चलते उसके शरीर में संक्रमण फैल गया और वह सेप्टीसीमिया की चपेट में आ गई। चिकित्सकों ने लंबे समय तक उसका उपचार किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद शनिवार को उसने दम तोड़ दिया।


इलाज के लिए लाते समय रास्ते में हुई बाघिन की मौत 

उधर, बिजनौर के अमानगढ़ क्षेत्र से रेस्क्यू की गई एक वृद्ध मादा बाघिन को बेहतर इलाज के लिए कानपुर प्राणी उद्यान लाया जा रहा था। वन विभाग की टीम उसे विशेष निगरानी में लेकर आ रही थी, लेकिन कानपुर पहुंचने से करीब 40 किलोमीटर पहले उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को कानपुर जू लाकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।


विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम

दोनों वन्यजीवों का पोस्टमार्टम तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक पैनल की देखरेख में किया गया। इस दौरान वैज्ञानिक जांच के लिए जरूरी जैविक नमूने सुरक्षित रखे गए। अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों की हर पहलू से जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

आईवीआरआई में होगी विस्तृत जांच

पोस्टमार्टम के बाद दोनों के टिश्यू सैंपल आईवीआरआई, इज्जतनगर (बरेली) भेजे जा रहे हैं। विशेषज्ञ जांच करेंगे कि मौत गंभीर संक्रमण, अधिक उम्र या किसी अन्य चिकित्सकीय कारण से हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।


सम्मानपूर्वक दी गई अंतिम विदाई

पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद कानपुर प्राणी उद्यान परिसर में मादा तेंदुआ ‘जेरी’ और वृद्ध बाघिन का एक ही चिता पर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। यह दृश्य वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहद भावुक रहा। वन विभाग और जू प्रशासन ने बताया कि फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। आईवीआरआई की रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी बीमारी या संक्रमण की पुष्टि होती है तो उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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