उत्तर प्रदेशलखनऊ

UP में प्रशासनिक व्यवस्था बदलने की तैयारी! क्या है योगी सरकार की साधना शृंखला-2026?

योगी सरकार की साधना शृंखला-2026 से प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की तैयारी! लखनऊ में 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी, मिशन कर्मयोगी पर जोर।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Mission Karmayogi: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से साधना शृंखला-2026 की शुरुआत हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की वास्तविक सफलता तभी है, जब उसके काम से आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

क्या है साधना शृंखला-2026?

साधना शृंखला-2026 के तहत लखनऊ में दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक क्षमता, लोक सेवकों की कार्यकुशलता और शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना है। यह कार्यक्रम मिशन कर्मयोगी की भावना के अनुरूप प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में सुधार पर केंद्रित है।

योगी ने 2017 से पहले की व्यवस्था पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में परिवारवाद, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं ने प्रशासन की कार्यक्षमता को प्रभावित किया था। उनके मुताबिक, अपराध, माफियाराज और नीतिगत उदासीनता के कारण प्रदेश की विकास संभावनाओं पर भी असर पड़ा।

मिशन कर्मयोगी से प्रशासन को नई दिशा देने का दावा

सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई मिशन कर्मयोगी जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में अपनी पुरानी छवि से बाहर निकलकर विकास और संस्थागत सुधारों की दिशा में प्रगति की है।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्ष, संवेदनशील और उत्तरदायी लोक सेवक सुशासन की सबसे अहम कड़ी हैं। उन्होंने ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की अवधारणा के अनुरूप प्रशासन को जनकल्याण से जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई। अब नजर इस बात पर रहेगी कि साधना शृंखला-2026 के दौरान प्रशासनिक सुधारों को लेकर क्या विचार और सुझाव सामने आते हैं तथा उनका जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है।

ये भी पढ़ें: जौहर यूनिवर्सिटी पर ED का बड़ा एक्शन! 38 भवनों पर जब्ती की तैयारी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »