Prayagraj Flooding: संगम नगरी प्रयागराज में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाकों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल, अस्पताल, थाने, सरकारी दफ्तर, कोर्ट-कचहरी और बाजार तक जलभराव की चपेट में आ गए हैं। कई मोहल्लों में घरों के भीतर नाले और सीवर का गंदा पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निरंजन डॉट पुल से जॉर्जटाउन तक संकट निरंजन डॉट पुल, CMP डिग्री कॉलेज डॉट पुल, जाफरी कॉलोनी और जॉर्जटाउन में हालात बेहद खराब हैं। कई स्थानों पर कमर से ऊपर तक पानी भर गया। जॉर्जटाउन थाना, संगम टंकी, CMP कॉलेज और सपा कार्यालय के आसपास भी आवागमन प्रभावित रहा। कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान, अनाज और बच्चों की किताबें खराब हो गईं। कुछ परिवारों को छतों पर पन्नी लगाकर रात गुजारनी पड़ रही है। बिजली के करंट के खतरे के चलते कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति भी बंद करनी पड़ी। नदियों का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा डर लगातार बारिश के साथ गंगा और यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह से रात तक नैनी में यमुना का जलस्तर 79.09 से बढ़कर 79.35 मीटर, फाफामऊ में गंगा 79.95 से 80.11 मीटर और छतनाग में 78.74 से 78.92 मीटर पहुंच गई। इससे नदी किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। घाटों की सीढ़ियों और तटवर्ती रास्तों पर भी पानी पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है। स्लूज गेट बंद गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण सोमवार रात स्लूज गेट बंद कर दिया गया। इससे कई इलाकों से पानी की निकासी प्रभावित हुई। अल्लापुर समेत आसपास के निचले क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा गंभीर रही। क्षतिग्रस्त सीवर लाइन के कारण पानी STP तक नहीं पहुंच पा रहा है। प्रशासन ने पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश दिए हैं। महापौर और नगर आयुक्त ने मोरी गेट बाढ़ पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अतिक्रमण और खराब ड्रेनेज पर सवाल जलभराव ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई इलाकों में नालों पर अतिक्रमण कर घर और दुकानें बना ली गई हैं। इससे नालों की सफाई और पानी की निकासी प्रभावित होती है। राजरूपपुर, आनंदपुरम, गंगानगर और राजापुर जैसे इलाकों में यह समस्या सामने आई है। अस्पताल और नगर निगम भी पानी में एमजी मार्ग पर जलभराव के कारण SRN अस्पताल पहुंचना मुश्किल रहा। मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी हुई। दूसरी ओर, नगर निगम मुख्यालय और महापौर कार्यालय परिसर में भी पानी भर गया, जिससे व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो गए। चार लोगों की मौत जिले में अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई। इनमें तालाब और यमुना में डूबने, जहरीले जंतु के काटने और जर्जर मकान गिरने की घटनाएं शामिल हैं। मंगलवार सुबह केवल तीन घंटे में 104 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि 36 घंटे में कुल 125.6 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 24 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई है। स्थिति को देखते हुए बुधवार को प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। रेलवे पर भी असर रामबाग रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर पानी भरने से प्लेटफॉर्म 1 से 4 तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। इसके बाद बनारस रूट की पैसेंजर और MEMU ट्रेनों का परिचालन रामबाग के बजाय झुंसी स्टेशन से किया गया। कई जगह पेड़ गिरने से वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। अब सवाल सिर्फ बारिश का नहीं, बल्कि हर बार जलभराव से जूझते शहर की स्थायी जल निकासी व्यवस्था का है। ये भी पढ़ें: NEET सिस्टम पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! तीन हफ्ते में देना होगा पूरा हिसाब