UP-Japan Summit: उत्तर प्रदेश और जापान के बीच औद्योगिक और निवेश साझेदारी को नई रफ्तार देने के लिए 19 अगस्त को नई दिल्ली में ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026’ का आयोजन हुआ। हाई-लेवल CEO राउंडटेबल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी बिजनेस डेलिगेशन के साथ द्विपक्षीय बैठक की और प्रदेश में निवेश की संभावनाएं सामने रखीं। CM योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 96 लाख से अधिक MSME इकाइयां, 35 हजार से ज्यादा बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप गति दे रहे हैं। राज्य में IT/ITES, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर पावर, फूड प्रोसेसिंग और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग समेत 36 सेक्टर आधारित नीतियां लागू हैं। 500 एकड़ में बनेगी ‘जापान सिटी’ इन्वेस्टमेंट मीट का सबसे बड़ा आकर्षण प्रस्तावित 500 एकड़ की ‘जापान सिटी’ है, जिसे यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। इसे जापानी कंपनियों, उनके सप्लायर्स और सहयोगी उद्योगों के लिए एक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना से सप्लाई चेन मजबूत होने, तकनीकी सहयोग बढ़ने और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। https://twitter.com/ANI/status/2089937631123812737 10 हजार नौकरियों की उम्मीद सम्मेलन में ₹3,191 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर भी जोर रहा। एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए 10 हजार से अधिक रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। योगी ने बताया कि यूपी में 75 हजार एकड़ से ज्यादा का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक उपलब्ध है और एक्सप्रेसवे के आसपास 27 औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग व लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष डेस्क भी बनाए गए हैं। ‘भारत-जापान की सोच और मूल्य समान’ योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी साझा मूल्यों, विकास, तकनीक और समृद्धि पर आधारित है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और भारत की ग्रोथ का इंजन बन रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले नौ वर्षों में यूपी का बजट, GSDP और प्रति व्यक्ति आय करीब तीन गुना बढ़ी है। राज्य सरकार अब एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो, रैपिड रेल, इनलैंड वाटरवे, फ्रेट कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स हब जैसी सुविधाएं यूपी को वैश्विक निवेश के लिए मजबूत आधार दे रही हैं। ये भी पढ़ें: आजम खान के ठिकानों पर ED का बड़ा एक्शन! रामपुर से दिल्ली तक 10 जगह छापे