अयोध्याउत्तर प्रदेश

दान गिनती में अब नहीं चलेगी लापरवाही, बदल गए सभी नियम

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी के बाद सुरक्षा नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब दोहरी जांच, बिना जेब वाली ड्रेस और मोबाइल-बैग पर प्रतिबंध के बीच दान की गिनती होगी।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Ram Mandir New Rules: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद के बाद मंदिर प्रशासन ने दान राशि की गिनती से जुड़ी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। पारदर्शिता बढ़ाने और सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, जिनके तहत अब काउंटिंग प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सख्त निगरानी में होगी।

नया ड्रेस कोड लागू

सूत्रों के अनुसार, दान राशि की गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। अब काउंटिंग कार्य में शामिल कर्मियों को बिना जेब वाली विशेष ड्रेस पहननी होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को कम करना और प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया है। अब काउंटिंग हॉल में प्रवेश करने से पहले कर्मचारियों को दो स्तर की जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके अलावा मोबाइल फोन, कैमरा, बैग और अन्य निजी सामान काउंटिंग क्षेत्र में ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कर्मचारियों को हॉल में प्रवेश से पहले अपने जूते-चप्पल भी बाहर उतारने होंगे।

एंट्री पास बना चर्चा

एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि दान राशि की गिनती अब कुर्सी और मेज पर बैठकर नहीं होगी। इसके बजाय कर्मचारियों को जमीन पर बैठकर यह कार्य करना होगा। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इन बदलावों से पूरी प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की संभावना कम होगी। इस बीच, चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले में जांच भी जारी है। जांच के दौरान एक नाम विशेष रूप से चर्चा में आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति को मंदिर में ‘व्यवस्था कार्यकर्ता’ के रूप में प्रवेश पास जारी किया जाता था, जिसके आधार पर उसे मंदिर परिसर में विभिन्न आयोजनों के दौरान प्रवेश मिलता था। बताया जा रहा है कि इसी पास के जरिए वह दान राशि की गिनती से जुड़ी गतिविधियों तक पहुंच बना पाता था।

विवाद पर बढ़ी सख्ती

हालांकि पूरे मामले की जांच अभी जारी है और आधिकारिक तौर पर किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं की गई है। संबंधित एजेंसियां और मंदिर प्रशासन उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रहे हैं। विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक सदस्य ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ बेहद कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

कड़ी सजा की चेतावनी

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल मंदिर प्रशासन का पूरा ध्यान दान प्रबंधन प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर है। नई व्यवस्थाओं के लागू होने के बाद अब सभी की नजर जांच के नतीजों और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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