उत्तर प्रदेशराजनीति

‘बिना सोचे समझे..’, राजभर के ‘UP के 4 हिस्से’ वाले बयान पर बृजभूषण ने किया पलटवार

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर के उत्तर प्रदेश को चार भागों में विभाजित करने और राजभर समुदाय से सीएम बनाने के प्रस्ताव को चुनावी नारा बताया। उन्‍होंने तंज कसते हुए कहा कि राजभर को यूपी की परिस्थिति का ज्ञान नहीं है।

Reported by Vartika Singh and edited by Shagun Chaurasia

UP Election 2027: भारतीय जनता पार्टी से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मंत्री ओम प्रकाश राजभर के उत्तर प्रदेश को चार भागों में बंटने और राजभर समुदाय से सीएम बनाने के प्रस्ताव को चुनावी जुमला बताया। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश की परिस्थिति से अवगत नहीं है। वह यूपी की परिस्थिति तक नहीं जानते हैं। उन्‍होंने कहा कि ओपी राजभर उत्तर प्रदेश की परिस्थिति से अवगत नहीं हैं। इसलिए सस्‍ती लोकप्रियता पाने के लिए इस तरह के निराधार बयान दिए जा रहे हैं।

 80 सांसद जाते है संसद

बृजभूषण ने कहा कि यूपी एक ऐसा राज्‍य है, जहां से संसद में 80 सांसद जाते हैं। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह चुनावी जुमला है। बिना सोचे-समझे दिया गया बयान है। आज उत्तर प्रदेश की पहचान पूरे देश के लिए इसलिए मानी जाती है क्योंकि यही एक प्रदेश है कि जहां संसद में 80 सांसद जाते हैं। यही उत्तर प्रदेश की ताकत और विशेषता है। भारत सरकार की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है, न ही योगी जी की सरकार की ओर से।

बंटवारे का दर्द देश आज तक झेल रहा

देश के विभाजन का हवाला देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि एक बंटवारे का दर्द देश आज तक झेल रहा है, ऐसे में दूसरे बंटवारे की बात गंभीरता से सोचकर ही की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंच से भाषण देते समय नेताओं के मुंह से कई बातें निकल जाती हैं और संभव है कि राजभर ने भी यह बात गंभीरता से नहीं कही हो।

ओम प्रकाश राजभर ने क्या कहा था?

दरअसल, मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने राज्य के बंटवारे के लगभग दो दशक पुराने मुद्दे को फिर से उठाया है। उन्होंने दावा किया है कि जातिवार जनगणना के बाद देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटा जा सकता है। राजभर ने रविवार को देवरिया में सुभासपा द्वारा आयोजित ‘सामाजिक समरसता महा रैली’ को संबोधित करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि जातिवार जनगणना के बाद राज्य का बंटवारा किया जा सकता है।

राजभर की घोषणा के राजनीतिक मायने

उन्होंने कहा कि मैं 27 प्रतिशत आरक्षण के मामले में देश के प्रधानमंत्री के पास गया था। उन्होंने कहा कि ओम प्रकाश जी आपकी बात सही है लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। मैंने उनसे आगे का रास्ता पूछा तो प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा कि वह जातिवार जनगणना कराएंगे और एक बार जातियों की गिनती हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश का बंटवारा करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। हम जातिवार जनगणना के बाद बंटवारा करेंगे। राजभर ने कहा कि अब आप ही बताइए, हमें प्रधानमंत्री पर भरोसा करना चाहिए या सपा, बसपा और कांग्रेस के लोगों की बात माननी चाहिए? उत्तर प्रदेश विधानसभा के आसन्न चुनावों के मद्देनजर राजभर की इस घोषणा के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं और उनकी इस बात को पूर्व में हुए चुनावों से पहले ऐसी ही मांगों से जोड़कर देखा जा रहा है।

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