UP Election 2027: समाजवादी पार्टी महासचिव राम गोपाल यादव ने दावा किया कि अगर 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव निष्पक्ष हुए, तो बीजेपी 50 सीटें भी नहीं जीत पाएगी। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और यूसीसी की व्यावहारिकता पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने बीजेपी की रैलियों में भीड़ जुटाने और सरकारी नीतियों को लेकर भी तीखी आलोचना की। 50 सीटों में सिमट जाएगी BJP समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने कहा कि अगर 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं, तो भारतीय जनता पार्टी 50 सीटें भी नहीं जीत पाएगी। यादव ने ज़ोर देकर कहा कि मतदाताओं ने राज्य में समाजवादी पार्टी को सत्ता में लाने का फ़ैसला कर लिया है। उन्होंने कहा कि लोगों ने आने वाले चुनाव की कमान खुद अपने हाथों में ले ली है और समाजवादी पार्टी को सत्ता में लाने का मन बना लिया है। UCC पर उठाए सवाल यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) के मुद्दे पर यादव ने अलग-अलग समुदायों के बीच इसके लागू होने की व्यावहारिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने इसे उत्तराखंड में लागू किया है। उन्हें इससे क्या मिला? उन्होंने आगे समझाया कि सभी धर्मों के रीति-रिवाज़ और परंपराएं अलग-अलग हैं। उदाहरण के लिए, मुसलमानों में चचेरे भाई-बहन से शादी को स्वीकार्य माना जाता है, जबकि हिंदुओं में कोई इसके बारे में सोच भी नहीं सकता। ऐसे में, क्या यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड लागू किया जा सकता है? पैसे देकर रैलियों में बुलाती है BJP यादव ने बीजेपी की जनसभाओं की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यक्रमों में सरकारी कर्मचारियों और दूसरे समूहों के लोगों को लाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी की रैलियों में आम जनता नहीं आती। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सरकारी शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों को पैसे देकर लाया जाता है; आम जनता नहीं आती। सरकारी नीतियों के बारे में उन्होंने कहा, "लोगों के हित में कोई कानून नहीं बनाया जा रहा है। हर कानून लोगों की जेब खाली करने के लिए बनाया जा रहा है। यादव ने डिजिटल करेंसी को लेकर चिंता जताई और कहा कि डिजिटल करेंसी बनाने की कोशिश की जा रही है। 95 प्रतिशत लोग तो इसका इस्तेमाल भी नहीं कर सकते। UP विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज़ चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पहले हुए चुनावों में साफ़ तौर पर धांधली हुई थी, इसीलिए लोग सवाल उठा रहे हैं। हमें शक है कि क्या चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने की हिम्मत दिखा पाएगा। अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष हो, तो निष्पक्ष चुनाव हो सकते हैं। उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब राजनीतिक पार्टियां 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज़ कर रही हैं। बीजेपी ने अपनी संगठनात्मक और जन-संपर्क गतिविधियां बढ़ा दी हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने भी चुनावों से पहले अपनी कोशिशें तेज़ कर दी हैं। ये भी पढ़ें: ‘अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश’, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे विवादित पोस्टर