Azamgarh Crime News: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव के एक घर में बाधा निवारण संबंधित एक पांच दिवसीय अनुष्ठान चल रहा था। तीन दिन तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन चौथे दिन शाम करीब पांच बजे एक विवाद ने देखते ही देखते खूनी रूप ले लिया। बाजार से घर लौटे अरविंद सिंह ने अनुष्ठान करा रहे लोगों से आधार कार्ड मांगा। इसी बात को लेकर कहासुनी हुई। जिसके बाद अरविंद ने पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद बच्चों के साथ छिपे युवक को भी मार गिराया गया। क्या था पूरा मामला ? यूपी के आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान हुई फायरिंग से सनसनी फैल गई। जानकारी के मुताबिक, घर में पूजा चल रही थी। इसी दौरान बाजार से घर पहुंचे अरविंद सिंह का वहां मौजूद पंडितों से आधार कार्ड दिखाने को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने के बाद अरविंद ने पिस्टल से फायरिंग कर दी। फायरिंग में उसकी पत्नी बबीता समेत दो पंडितों को गोली लग गई। तीनों की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद अरविंद अपने दोनों बच्चों को लेकर खुद को कमरे में बंद कर लिया। बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए देर रात कमांडो कार्रवाई की गई। लखनऊ से पहुंचे एटीएस के कमांडो पर भी युवक ने गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में युवक को ढेर कर दिया गया। इस दौरान चार साल के बेटे की भी मौत हो गई है। बड़ी बेटी के हाथ में गोली लगी है। बनारस से पहुंचे एडीजी ने बताया कि आरोपी ने कमांडो पर पांच राउंड फायरिंग की। इसके जवाब में कमांडो टीम की ओर से चार राउंड गोलियां चलाई गईं। ठीक नहीं थी मानसिक स्थिति एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने मीडिया को बताया कि मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों से पूछताछ में अरविंद के व्यवहार में पिछले कुछ समय से असामान्यताएं होने की बात सामने आई है। आरोपी की मानसिक स्थिति कुछ ठीक नहीं बताई गई। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने यह भी बताया कि वे अरविंद पर भूत-प्रेत की बाधा होने की बात मानते थे और इसी कारण घर में अनुष्ठान कराया जा रहा था। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि इन सभी तथ्यों की विभिन्न स्तरों से जांच की जा रही है। घटना की वजह को लेकर पुलिस अभी सामने आए बयानों और साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है। दो पुजारियों की बची जान आरोपी ने पहले पत्नी को गोली मारी। फिर दोनों पुजारियों पर भी फायर कर दिया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य पुजारी और परिजन बाहर भाग गए। गोली चलने की आवाज पर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। भागते लोगों को देखकर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी बीच किसी ने पुलिस को घटना के बारे में सूचना दे दी। जिसके बाद अपने तीन बच्चों को ढाल बनाते हुए युवक एक कमरे में छिप गया। बताया जाता है कि उसने कमरे में अपने बेटे को भी गोली मारकर हत्या कर दी। लखनऊ से पहुंची एटीएस कमांडो घटना की जानकारी होने पर डीआईजी सुनील कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार तीन थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। रात करीब साढ़े 11 बजे एडीजी वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा भी घटनास्थल पर आए। आरोपी को कमरे से बाहर निकालने के लिए लखनऊ से रात करीब 12.30 बजे एटीएस के दर्जन भर कमांडो पहुंचे। मौके पर पहुंचते ही कमांडों ने मोर्चा संभाला और कार्रवाई शुरू कर दी। आरोपी को मार गिराया गया। ये भी पढ़ें: नोएडा में 3 माह की बच्ची का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे में सकुशल किया बरामद