SSC Exam Cheating Racket: ग्रेटर नोएडा में SSC की ऑनलाइन परीक्षा में कथित धांधली के मामले में नोएडा STF ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान परीक्षा केंद्रों के चयन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आने के बाद ASSESS Infra Private Limited के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गगनदीप शर्मा और यादवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। प्रॉक्सी सर्वर से नकल कराने का आरोप STF के मुताबिक, नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित बालाजी डिजिटल जोन कंप्यूटर लैब में छापेमारी के बाद परीक्षा में गड़बड़ी कराने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ था। आरोप है कि गिरोह प्रॉक्सी सर्वर और सर्वर में अनधिकृत तरीके से हस्तक्षेप कर अभ्यर्थियों को नकल कराने की व्यवस्था करता था। इसके बदले अभ्यर्थियों से रकम ली जाती थी। इस मामले में पहले पांच अन्य आरोपियों समेत कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। अब दो डायरेक्टरों की गिरफ्तारी के बाद इस केस में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 10 हो गई है। परीक्षा केंद्र चुनने की जिम्मेदारी जांच में STF को पता चला कि परीक्षा केंद्रों की पहचान, उनका सिक्योरिटी ऑडिट और केंद्र संचालकों व कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने की जिम्मेदारी ASSESS Infra की थी। बालाजी डिजिटल जोन को भी इसी कंपनी की ओर से SSC परीक्षा के लिए केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया था। STF के अनुसार, इस केंद्र पर वर्ष 2025 से अब तक SSC की करीब 16 परीक्षाएं आयोजित हुईं। जांच में आरोप है कि निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं किए जाने के बावजूद केंद्र संचालक को सुरक्षा नियमों में लापरवाही की छूट मिलती रही। इसी का फायदा उठाकर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर नकल कराने की व्यवस्था किए जाने का आरोप है। कई राज्यों तक फैला नेटवर्क जांच एजेंसी के मुताबिक, इस नेटवर्क के तार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और दिल्ली तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। इन राज्यों में कई संदिग्ध परीक्षा केंद्र जांच के दायरे में हैं। अप्रैल 2026 में देहरादून के महादेव डिजिटल जोन में भी प्रॉक्सी सर्वर के जरिए नकल कराने का मामला सामने आया था। उस केस में प्रदीप चौहान का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था। जांच में बड़ा खुलासा इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा स्थित उनकी दूसरी लैब बालाजी डिजिटल जोन को दोबारा परीक्षा केंद्र बनाए जाने की बात जांच में सामने आई है। STF ने दोनों डायरेक्टरों को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया है। नॉलेज पार्क कोतवाली में मुकदमा दर्ज है और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच जारी है। ये भी पढ़ें: डंपर ने बाइक सवार छात्रों को मारी टक्कर, एक की मौत, दो घायल