Abhijeet Dipke News: चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। दीपके ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। SIR को लेकर उठाए सवाल दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सवाल उठाया। दीपके ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना समेत कई राज्यों के आंकड़े गिनाते हुए दावा किया कि कुल मिलाकर 13 करोड़ से ज्यादा वोट हटाए गए हैं। हालांकि, ये आंकड़े दीपके के दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र तथ्य के तौर पर स्थापित नहीं किया गया है। चुनाव आयोग में मतभेद की रिपोर्ट का हवाला दीपके के बयान ऐसे समय आए हैं, जब चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े फैसलों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर एक रिपोर्ट सामने आई है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई फैसलों पर आधिकारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। SIR में करोड़ों नाम हटे रिपोर्ट के अनुसार SIR के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए। वहीं, पश्चिम बंगाल में हटाए गए 27.16 लाख नामों में से 22 लाख से अधिक लोगों ने दोबारा नाम शामिल कराने के लिए अपील की है। चुनाव आयोग ने इन मामलों में अपील और सत्यापन की प्रक्रिया का हवाला दिया है। ‘Jantar Mantar 2.0’ की चेतावनी दीपके ने कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो CJP आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने इसे ‘Jantar Mantar 2.0’ बताते हुए देशव्यापी विरोध की चेतावनी दी है। इससे पहले भी CJP ने चुनाव आयोग में सुधार और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन के संकेत दिए थे। फिलहाल दीपके के आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से ऐसी सभी बातों की पुष्टि नहीं हुई है। विवाद के केंद्र में SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवाल हैं। ये भी पढ़ें: DTC बस हड़ताल का 7वां दिन: पास जेब में, फिर भी रोज देना पड़ रहा किराया!