India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार समझौते की बातचीत अब अहम पड़ाव पर पहुंचती दिखाई दे रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि दोनों देश जल्द ही ट्रेड डील को अंतिम रूप दे सकते हैं। खास बात यह है कि ट्रंप के मुताबिक, यह समझौता अमेरिका के पिछले व्यापारिक करारों से बिल्कुल अलग होगा। हालांकि, समझौते की शर्तों और इसे लागू करने की तारीख को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ट्रंप ने क्या कहा? व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से भारत के साथ व्यापार समझौते की संभावनाओं पर सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने कहा कि भारत समझौता करना चाहता है और दोनों देश इसके काफी करीब हैं। उन्होंने इस करार को पहले हुए समझौतों से अलग बताते हुए इसके संभावित स्वरूप को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी। रूबियो और जयशंकर की मुलाकात भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मंगलवार को मुंबई में उनकी मुलाकात भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हुई। बैठक के दौरान दोनों देशों के संबंधों और प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर चर्चा की गई। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और समझौते को जल्द पूरा करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में व्यापार के अलावा रक्षा, तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श हुआ। रूबियो 20 और 21 अक्टूबर को भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा के अगले चरण में उनके गुजरात के जामनगर जाने और ऊर्जा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का कार्यक्रम है। भारत को अहम साझेदार मानता है अमेरिका मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में रूबियो ने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग को असाधारण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश हर मुद्दे पर सहमत नहीं हो सकते, लेकिन उनके राष्ट्रीय हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में मजबूत तालमेल है।उन्होंने भारत के साथ नियमित कूटनीतिक बातचीत बढ़ाने पर भी जोर दिया और उसे अमेरिका के प्रमुख भू-राजनीतिक साझेदारों में शामिल बताया। अब किन बातों पर टिकी नजरें? ट्रंप के बयान और दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बातचीत से ट्रेड डील को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। अब नजरें इस बात पर हैं कि समझौते में किन व्यापारिक शर्तों पर सहमति बनती है, भारतीय कारोबारियों और अमेरिकी कंपनियों को क्या लाभ मिलता है और इसका अंतिम ऐलान कब होता है। ये भी पढ़ें: रूस से तेल खरीद पर ट्रंप की राहत कितने दिन की? भारत को GTRI की चेतावनी, टैरिफ का खतरा अभी टला नहीं!