Mahoba Illegal Mining: उत्तर प्रदेश के महोबा में जिला प्रशासन ने अवैध खनन और खनिज परिवहन पर नकेल कसने के लिए सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी श्रीमती गजल भारद्वाज की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में खनन पट्टाधारकों,खनिज भण्डारण अनुज्ञप्तिधारकों और विस्फोटक लाइसेंसधारकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। बिना दस्तावेज ढुलाई पर कार्रवाई जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पट्टाधारक या अनुज्ञप्तिधारक ई-एमएम-11 या ई-फार्म-C के बिना खनिजों का परिवहन नहीं करेगा। बिना दस्तावेज के परिवहन पकड़े जाने पर तत्काल कार्रवाई होगी। खनन स्थलों की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज,रजिस्टर और डीबीआर जैसे सभी आवश्यक दस्तावेज तुरंत प्रस्तुत करने होंगे। रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली तो लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। सुरक्षा नियमों पर सख्ती बढ़ी सुरक्षा नियम को सख्त बनाते हुए खदानों में फेंसिंग का काम पूरा करना अनिवार्य होगा। सभी कार्य प्रशिक्षित मैनेजर और ब्लास्टर की देखरेख में सुरक्षा उपकरणों के साथ ही किए जाएंगे। श्रमिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने कहा कि जनपद में खनन कार्य पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत ही किए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पट्टाधारकों के सुझाव भी सुने गए और प्रशासन द्वारा नियमों के दायरे में सहयोग का आश्वासन दिया गया है। अवैध खनन पर प्रशासन सख्त इस दौरान पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह,अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व कुंवर पंकज,अपर जिलाधिकारी न्यायिक सुखबीर सिंह,उपजिलाधिकारी सदर शिवध्यान पांडे सहित खनन,पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का यह कदम अवैध खनन रोकने और राजस्व हानि को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में खनन पट्टों पर अब निगरानी और सख्त की जा रही है। ये भी पढ़ें: कबरई की वर्षों पुरानी पानी समस्या खत्म होने की ओर! विधायक राकेश गोस्वामी ने परियोजना का लिया जायजा