उत्तर प्रदेशनोएडा

तिलपता जाम से राहत की उम्मीद, 4.5 किमी मिनी बाईपास का सर्वे शुरू

ग्रामीणों की मांग के बाद प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी समिति बनाई और मौके पर सर्वे शुरू कर दिया ताकि जाम की समस्या का जल्द समाधान निकाला जा सके**

Reported by Tanvi Pandey and edited by Shagun Chaurasia

Mini bypass: दादरी–नोएडा रोड पर तिलपता गांव के पास हालत रोज एक जैसी रहती है। सुबह हो या शाम, गाड़ियां रेंगती रहती हैं और कई बार तो लंबा जाम घंटों तक खुलता ही नहीं। स्कूल, ऑफिस और काम पर जाने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अब रोज की समस्या बन गई है, जिससे समय भी बर्बाद होता है और रास्ते पर तनाव भी बढ़ जाता है। इसी वजह से अब यहां एक नए बाईपास की जरूरत तेज महसूस की जा रही है।

ग्रामीणों की मांग पर प्राधिकरण सक्रिय

कुछ दिन पहले आसपास के गांवों के लोग ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचे थे। उन्होंने सीधा कहा कि अब इस जाम का हल चाहिए, सिर्फ बातों से काम नहीं चलेगा। इसके बाद एसीईओ बी.एस. लक्ष्मी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी टीम बना दी। टीम को साफ कहा गया कि मौके पर जाकर असली स्थिति देखी जाए और जो रास्ता संभव हो, उस पर काम आगे बढ़ाया जाए।

अधिकारियों ने खुद जाकर देखा इलाका

शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची। इसमें जीएम, एडीजीएम और कई अधिकारी शामिल थे। उनके साथ ग्रामीण और स्थानीय समिति के लोग भी मौजूद थे। पूरे प्रस्तावित रास्ते पर पैदल और वाहन से निरीक्षण किया गया। जहां-जहां से सड़क निकल सकती है, उन जगहों को समझा गया और जमीन पर जाकर स्थिति का आकलन किया गया ताकि आगे कोई भ्रम न रहे।

जाम में फंसते हैं हजारों लोग

इस पूरे रूट पर ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक रोज करीब एक लाख से ज्यादा लोग इस रास्ते से गुजरते हैं। सुबह और शाम के समय जाम इतना बढ़ जाता है कि सामान्य दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है। पहले 60 मीटर चौड़ा बाईपास भी प्लान हुआ था, लेकिन जमीन को लेकर बात आगे नहीं बढ़ सकी और योजना अटक गई।

बिना नई जमीन लिए बन सकता है रास्ता

अब जो नया सुझाव आया है, वह लोगों को उम्मीद दे रहा है। इसमें कहा गया है कि सिंचाई विभाग और प्राधिकरण की खाली जमीन का इस्तेमाल किया जाए। इससे नई जमीन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रस्ताव के मुताबिक सड़क स्पर्श ग्लोबल स्कूल के पास लोहिया नाले से शुरू होकर खोदना कलां होते हुए तिलपता-पाली नाले तक जाएगी। यह करीब 4.5 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें सिर्फ दो पुल बनाने होंगे।

लोगों को बड़ी राहत मिलेगी

अगर यह काम आगे बढ़ता है तो तिलपता और आसपास के लोगों को रोज के जाम से राहत मिल सकती है। सफर आसान होगा और समय की भी बचत होगी। अभी सबकी नजर इस बात पर है कि प्राधिकरण आगे क्या फैसला लेता है और काम कब तक शुरू होता है।

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