नोएडा

क्यों अब भी खुले हैं गड्ढे? प्रशासन की एक और लापरवाही से गड्ढे में समाई कैब

रेल विहार सोसाइटी के सामने टला बड़ा हादसा, प्राधिकरण की ढीली सुरक्षा व्यवस्था पर भड़के स्थानीय लोग।

Major Accident : ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1 में रविवार सुबह एक भयावह हादसा हुआ  डोमिनोज गोलचक्कर से बीटा-2 की दिशा में जा रही एक कैब सड़क पर खोदे गए आठ फीट गहरे गड्ढे में गिर गई। अच्छी बात यह रही कि चालक समय पर सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन इस घटना ने फिर से ग्रेटर नोएडा संस्था की लापरवाही  का खुलासा कर दिया है। न तो मौके पर सही बैरिकेडिंग थी और न ही कोई रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड  था।

कैब चालक का आंखों देखा हाल

हादसे के शिकार कैब ड्राइवर ने बताया कि मौके पर लगाया गया बैरिकेड गड्ढे से काफी दूर था, जिससे लोगों में वहम की स्थिति बन गई। सड़क पर कोई रिफ्लेक्टर टेप या संकेत बोर्ड नहीं था जो दूर से सावधानी दे सके। इसी कारण उसे गड्ढे का सही अंदाजा नहीं हुआ और कार सीधे उसमें जा गिरी। इसके बाद पुलिस ने क्रेन बुलाकर नष्ट कैब को बाहर निकाला। हालांकि, चालक ने इस मामले में  पुलिस शिकायत नहीं की है।

मरम्मत के बाद ‘मौत की सुरंग’ छोड़ी

स्थानीय लोगों के मुताबिक , गंगाजल पाइपलाइन में कई दिनों से रिसाव के कारण यहाँ पानी भर गया था। शनिवार को मरम्मत के लिए ठेकेदार ने एक गहरा गड्ढा खोद दिया, लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई। गड्ढे से निकली मिट्टी भी सड़क पर बिखेर दी गई, जिसके कारण रास्ता और संकरे हो गया लोगों का कहना है कि अगर प्राधिकरण ने समय पर ध्यान दिया होता, तो यह घटना रोकी जा सकती थी। घटना के बाद तुरंत गड्ढे को भर दिया गया है।

प्राधिकरण का दावा, जनता का गुस्सा

एक ओर जहां स्थानीय नागरिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर प्रश्न उठा रहे हैं, वहीं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक (जल) विनोद शर्मा का कहना है कि बैरिकेड और रिफ्लेक्टर टेप दोनों लगाए गए थे। उनके अनुसार, गाड़ी की तेज गति के कारण यह दुर्घटना हुई। हालांकि, यह पहला मामला नहीं है। इस वर्ष जनवरी से लेकर अप्रैल 2026 तक, नोएडा और आस-पास के क्षेत्रों में खुले गड्ढों के चलते एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, कॉलेज का छात्र और दो मासूम बच्चों समेत चार लोगों ने अपनी जान खो दी है।

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