Weather Update: राजधानी दिल्ली और एनसीआर में लगातार हो रही तेज बारिश और तेज़ हवाओं ने मौसम का रुख पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हालात को देखते हुए पहले जारी ऑरेंज अलर्ट को अपग्रेड कर रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में मॉनसून और सक्रिय हो सकता है, जिससे बारिश का दौर और तेज होने की संभावना है। रेड अलर्ट क्यों जारी हुआ? आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के लगभग 893.8 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तेज बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में अचानक तेज बारिश के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। विभाग ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की अपील की है। 20 अगस्त के बाद बदल सकता है मौसम मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 20 अगस्त के बाद बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में एक नया कम दबाव का सिस्टम बनने की संभावना है। यह सिस्टम पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, ऊपरी स्तर की पश्चिमी हवाएं इसकी दिशा को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे यह उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दिल्ली में अब भी सामान्य से कम बारिश हालांकि राजधानी में इन दिनों बारिश हो रही है, लेकिन 4 जून से 13 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अब भी सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले बारिश के दौर से इस कमी में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल पूरी कमी समाप्त होने की संभावना कम है। 15 अगस्त को भी बारिश के आसार आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 अगस्त को भी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। हालांकि फिलहाल राजधानी में अत्यधिक या विनाशकारी बारिश के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 20 अगस्त के बाद बनने वाले संभावित सिस्टम की दिशा और तीव्रता आने वाले दिनों में मौसम मॉडल से और स्पष्ट होगी। इसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि दिल्ली-एनसीआर में बारिश कितनी तेज होगी और मॉनसून की कमी कितनी हद तक पूरी हो पाएगी। ये भी पढ़ें: ‘स्पेशल 26’ फिल्म के स्टाइल में 29 लाख की लूट! फर्जी GST अधिकारी बनकर वारदात, 5 गिरफ्तार