भारत

बैटरी हैक कर बीच सड़क रोक रहे थे ई-रिक्शा, सरकार का बड़ा एक्शन, प्ले स्टोर से हटेंगे ये 2 ऐप

सरकार ने ई-रिक्शा बैटरी को रिमोट से नियंत्रित करने के आरोप वाले BAT BMS और Epoch Li-ion ऐप्स को प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

E-Rickshaw Battery Hacking: ई-रिक्शा चालकों की मुश्किलें बढ़ाने वाले दो मोबाइल ऐप्स के खिलाफ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र के निर्देश पर BAT BMS और Epoch Li-ion नाम के दो ऐप्स को Google Play Store और Apple App Store से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोप है कि इन ऐप्स का दुरुपयोग कर ब्लूटूथ के जरिए कुछ ई-रिक्शा की बैटरियों को दूर से नियंत्रित किया जा रहा था, जिससे चलते वाहन अचानक बंद हो जाते थे।

कैसे मामला आया सामने

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए। इन वीडियो में कुछ लोग ब्लूटूथ के माध्यम से ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट होकर उसे अचानक बंद करते दिखाई दिए। सड़क के बीचों-बीच वाहन रुक जाने से चालक परेशान हो गए। कई वीडियो में चालक धक्का लगाकर ई-रिक्शा ले जाते और अपनी परेशानी जाहिर करते भी नजर आए।

घटना के सामने आने के बाद सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे। इसके बाद दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने परिवहन विभाग को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। शुरुआती जांच में सामने आया कि संबंधित ऐप्स ब्लूटूथ सपोर्ट वाली कुछ लिथियम बैटरियों से सीमित दूरी के भीतर वायरलेस तरीके से कनेक्ट हो सकते हैं।

ऐप्स का गलत इस्तेमाल

अधिकारियों के अनुसार, इन ऐप्स का मूल उद्देश्य बैटरी की स्थिति, जैसे वोल्टेज, तापमान और करंट की निगरानी करना था। हालांकि, यदि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) में पर्याप्त साइबर सुरक्षा नहीं हो, तो कंट्रोल फीचर का गलत इस्तेमाल कर बैटरी को रिमोट से बंद किया जा सकता है। यही कमजोरी कुछ लोगों द्वारा शरारती तरीके से इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है।

सड़क सुरक्षा के लिए खतरा

सरकार का मानना है कि ऐसे ऐप्स का दुरुपयोग न केवल ई-रिक्शा चालकों की आजीविका को प्रभावित करता है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। इसी वजह से दोनों ऐप्स को प्रमुख ऐप स्टोर से हटाने का फैसला लिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और कनेक्टेड ईवी उपकरणों में मजबूत साइबर सुरक्षा उपाय लागू करना जरूरी होगा, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

ये भी पढ़ें: बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की 3 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »