78,000 के पार सेंसेक्स की धमाकेदार एंट्री! बैंकिंग शेयरों ने भरी उड़ान, लेकिन एक सेक्टर बना बाज़ार की रफ्तार में ब्रेक भारतीय शेयर बाज़ार ने नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत शानदार अंदाज़ में की है। सोमवार, 6 जुलाई 2026 की सुबह निवेशकों के लिए उत्साह लेकर आई, जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूती के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग शेयरों की खरीदारी ने बाज़ार को नई ऊर्जा दी, जबकि वैश्विक संकेतों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने का काम किया। हालांकि, इस तेजी के बीच एक ऐसा सेक्टर भी रहा जिसने बाज़ार की रफ्तार को पूरी तरह एकतरफा होने से रोक दिया। सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 78,000 के अहम स्तर के ऊपर पहुंच गया और इंट्राडे में करीब 78,078 अंक तक चढ़ गया। यह पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में लगभग 300 अंकों की बढ़त दर्शाता है। वहीं, निफ्टी 50 भी 24,350 के स्तर को पार करते हुए मजबूत स्थिति में दिखाई दिया। पिछले सप्ताह के सकारात्मक समापन के बाद यह तेजी निवेशकों के मजबूत भरोसे का संकेत मानी जा रही है। आज की सबसे बड़ी कहानी बैंकिंग सेक्टर की रही। निजी और बड़े बैंकों के शेयरों में खरीदारी का माहौल देखने को मिला। HDFC बैंक, ICICI बैंक और Axis Bank जैसे दिग्गज शेयरों ने सूचकांकों को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। बैंकिंग इंडेक्स ने व्यापक बाज़ार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे यह साफ संकेत मिला कि निवेशकों का फोकस फिलहाल वित्तीय क्षेत्र पर बना हुआ है। इस तेजी के पीछे केवल तकनीकी कारण नहीं हैं। HDFC बैंक द्वारा जारी पहली तिमाही के कारोबारी अपडेट ने निवेशकों को प्रभावित किया है। बैंक के कुल ऋण और जमा में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती को लेकर विश्वास और मजबूत हुआ। यही वजह रही कि बैंकिंग शेयर शुरुआती कारोबार में आकर्षण का केंद्र बने रहे। हालांकि, बाज़ार के सभी सेक्टर इस उत्साह में शामिल नहीं हुए। आईटी शेयरों में दबाव देखने को मिला। पिछले सप्ताह तेज़ बढ़त दर्ज करने वाले कई टेक्नोलॉजी शेयरों में मुनाफावसूली दिखाई दी। निवेशकों का एक वर्ग अब आईटी कंपनियों के आगामी नतीजों और वैश्विक मांग के संकेतों का इंतजार कर रहा है। इसी कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। हालांकि इनकी बढ़त बड़े शेयरों जितनी तेज़ नहीं रही, लेकिन निवेशकों की भागीदारी इन वर्गों में भी बनी हुई है। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी का माहौल मौजूद है। वैश्विक मोर्चे पर भी परिस्थितियां भारतीय बाजार के पक्ष में दिखाई दे रही हैं। एशियाई बाजारों में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में अपेक्षाकृत नरमी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी कूटनीतिक गतिविधियों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है, क्योंकि इनका सीधा असर ऊर्जा बाजार और वैश्विक आर्थिक माहौल पर पड़ सकता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की वापसी भी बाजार के लिए राहत की खबर है। हाल के कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार की धारणा मजबूत हुई है। लंबे समय तक बिकवाली के बाद विदेशी पूंजी का लौटना निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। कॉर्पोरेट जगत की बात करें तो कुछ चुनिंदा शेयर निवेशकों के रडार पर बने हुए हैं। रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा के बाद अडानी समूह की गतिविधियों पर नजर है, जबकि रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े सौदों ने भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सेंसेक्स दिन के अंत तक 78,000 के स्तर के ऊपर टिक पाएगा या फिर ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली बाजार की चाल बदल देगी। कारोबार के आगे बढ़ने के साथ इसकी तस्वीर और साफ होगी, लेकिन फिलहाल बाजार का मूड पूरी तरह सकारात्मक दिखाई दे रहा है और निवेशकों की नजर हर नए अपडेट पर बनी हुई है।