नोएडा

Noida Protest : सफाई कर्मियों के प्रदर्शन पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 30 प्रदर्शनकारी जेल भेजे गए

Noida Protest : अधिकारियों के साथ समझौता होने के बावजूद कुछ कर्मचारी पुनः धरने पर बैठे, जिसके बाद पुलिस ने शांति भंग के आधार पर कार्रवाई की; ठेका प्रणाली समाप्त करने और वेतन में वृद्धि की मांग के तहत पिछले कई दिनों से प्रदर्शन जारी है।

Noida Protest : ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के कार्यालय के बाहर अपनी उचित मांगों के लिए कई दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों का आंदोलन अब एक नया और गंभीर मोड़ ले चुका है। पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 30 सफाई कर्मचारियों को शांति भंग करने की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इन कर्मचारियों पर आरोप है कि इन्होंने कार्यरत अन्य सफाई कर्मचारियों को जबरन रोका और उन्हें धमकाया, साथ ही शहर में चक्का जाम करने और बड़ा हंगामा करने का प्रयास भी किया।

असल में, यह सारा मुद्दा रविवार रात से उग्र होना शुरू हुआ। पुलिस ने रविवार देर रात कार्रवाई करते हुए धरनास्थल से लगभग 70 प्रदर्शनकारी सफाई कर्मियों को पकड़ लिया और उन्हें सूरजपुर पुलिस लाइन स्थानांतरित कर दिया। सोमवार सुबह जब अन्य सहयोगी कर्मचारियों को इस बारे में पता चला, तो उनमें भयानक नाराजगी फैल गई।

पुलिस लाइन के बाहर बवाल

सोमवार सुबह एक बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी पहले सिटी पार्क के निकट जमा हुए। उनका इरादा प्राधिकरण कार्यालय तक विरोध मार्च करने का था, लेकिन पुलिस के कड़े रुख को देखते हुए सभी कर्मचारी सीधे सूरजपुर पुलिस लाइन पहुंच गए। वहां कर्मचारियों ने गेट के समीप जोरदार हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे थोड़ी देर के लिए यातायात में रुकावट भी हुई।
बढ़ते तनाव के मद्देनजर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों और सफाई कर्मचारी संघ के नेताओं के बीच एक आपात बैठक आयोजित की गई। (Noida protest)कई बार की चर्चा के बाद अंततः दोनों पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति स्थापित हुई और कर्मचारी नेताओं ने औपचारिक रूप से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।

रिहाई के बीच फिर बिगड़ी बात

समझौते की घोषणा के बाद का माहौल शांत दिखाई दे रहा था। पुलिस अधिकारी हिरासत में लिए गए कर्मचारियों को रिहा करने की कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ही रहे थे कि अचानक स्थिति बदल गई। रिहा हो रहे कुछ कर्मचारी इस समझौते से असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने नेतृत्व के निर्णय पर मीन-मेख निकाली और रिहाई के बाद पुनः धरने पर बैठने की जिद करने लगे।
इसके बाद जब विवाद और नाटक बढ़ने लगा, तो पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए माहौल बिगाड़ने वाले लगभग 30 सफाई कर्मचारियों के खिलाफ शांतिभंग के आरोप में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

क्या हैं सफाई कर्मियों की मांगें?

सफाई कर्मचारी प्राधिकरण के गेट नंबर-2 पर लंबे समय से बैठे हुए हैं। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

वेतन वृद्धि: महंगाई के बढ़ते स्तर के मुकाबले उनके वेतन में उचित वृद्धि की जाए।
स्थायीकरण: जो कर्मचारी वर्षों से निरंतर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, उन्हें स्थायी रूप से नियुक्त किया जाए।
ठेका प्रणाली का खत्म होना: सफाई व्यवस्था में ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर सीधे नौकरी दी जानी चाहिए।
सुरक्षा संसाधन: कार्य के समय सुरक्षा के ठोस प्रबंध और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। (Noida protest)
कर्मचारियों का कहना है कि प्राधिकरण के साथ पहले भी कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन हर बार उन्हें केवल शून्य आश्वासन मिलते हैं, कोई ठोस लिखित निर्णय नहीं लिया जाता।

मारपीट-धमकी में 3 FIR

इस आंदोलन के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था का प्रबंधन कर रही प्राइवेट कंपनियों ने पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई हैं। बीटा-2 और सूरजपुर कोतवाली में तीन अलग-अलग तहरीर दी गई हैं। ‘साईनाथ सेल्स एंड सर्विसेज’ और ‘एंटोनी वेस्ट हैंडलिंग सेल’ जैसी कंपनियों के सुपरवाइजरों और कर्मचारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर मौजूद अन्य लोगों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इसके अलावा, सेक्टर अल्फा-2 और पी-3 के पास काम जारी रखने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। फिलहाल पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है, जबकि कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

ये भी पढ़े : दिन में छाया अंधेरा, झमाझम बारिश से दिल्ली-NCR में राहत, IMD ने जारी किया 4 दिन का अलर्ट

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »