Delhi Protests: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को एक साथ दो बड़े विरोध प्रदर्शनों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं, तो दूसरी ओर पंजाब और अन्य राज्यों से हजारों किसान भारत-अमेरिका प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के विरोध में दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। दोनों आंदोलनों को देखते हुए राजधानी और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जंतर-मंतर पर घमासान सोमवार को हुए हंगामे और पुलिस कार्रवाई के बाद भी CJP ने अपना आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है। पार्टी के कार्यकर्ता मंगलवार सुबह फिर से जंतर-मंतर पर जुट गए और आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाने लगे। संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर सरकार सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने संसद की ओर मार्च निकालने का भी ऐलान किया है। पिछले दिन प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। https://twitter.com/AHindinews/status/2079400733825445936 किसानों का दिल्ली कूच इधर, किसानों का आंदोलन भी तेजी पकड़ चुका है। 'देश बचाओ मोर्चा' के आह्वान पर पंजाब के अमृतसर, गुरदासपुर समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के साथ दिल्ली की ओर रवाना हुए हैं। किसान संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उनका आरोप है कि इस समझौते से विदेशी कृषि उत्पादों की आमद बढ़ेगी, जिससे देश के किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। शंभू बॉर्डर सील किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए पंजाब-हरियाणा सीमा स्थित शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने इलाके में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी है। सीमा पर भारी बैरिकेडिंग की गई है और कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस पुलिसकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के अलावा संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के वरिष्ठ नेताओं के भी शंभू बॉर्डर पहुंचने की संभावना है। किसान संगठन दिल्ली में महापंचायत आयोजित कर केंद्र सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने की तैयारी में हैं। राजधानी में कड़ी निगरानी राजधानी में एक ही दिन दो बड़े आंदोलनों के चलते दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने समन्वित सुरक्षा योजना लागू की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में पूरे दिन दिल्ली और उसके सीमावर्ती इलाकों की गतिविधियों पर देशभर की नजरें टिकी रहेंगी। ये भी पढ़ें: CJP Protest : CJP का चलो संसद मार्च जंतर-मंतर पर बढ़ी सुरक्षा, प्रदर्शनकारियों और पुलिस में टकराव